इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। पहला मैच बारिश में धुलने के बाद, फैंस को उम्मीद थी कि टीम इंडिया इस मैच में दमदार वापसी करेगी, लेकिन मैदान पर जो हुआ उसने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को निराश कर दिया। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू भले ही हेडलाइंस में रहा, लेकिन मैच खत्म होने के बाद असली चर्चा रवि बिश्नोई की शर्मनाक गेंदबाजी, कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति और कोच गौतम गंभीर की तैयारियों पर हो रही है।
रवि बिश्नोई की ‘बैक-फुट नो-बॉल’: स्पिनर की यह कैसी लापरवाही?
इस मैच में हार और जीत का सबसे बड़ा अंतर रवि बिश्नोई की वो 3 नो-बॉल्स रहीं, जिसने मैच का पासा ही पलट दिया। बिश्नोई ने मैच में 3 बार ‘बैक-फुट नो-बॉल’ फेंकी। इन 3 गेंदों और उनके साथ मिले फ्री-हिट्स की बदौलत भारत ने कुल 29 रन लुटा दिए जो कि इंग्लैंड के खिलाफ इस करीबी मुकाबले में हार की सबसे बड़ी वजह बने।
हैरान करने वाला रिकॉर्ड: साल 2022 से अब तक टी20 क्रिकेट में बिश्नोई 10 बार नो-बॉल फेंक चुके हैं। दुनिया में सिर्फ तीन स्पिनर ऐसे हैं, जिनका रिकॉर्ड इनसे खराब है।
तैयारी पर सवाल: एक तेज गेंदबाज का फ्रंट-फुट नो-बॉल फेंकना फिर भी समझ आता है, लेकिन एक स्पिनर का बैक-फुट नो-बॉल फेंकना यह दर्शाता है कि नेट्स पर उनकी गलतियों को सुधारने वाला कोई नहीं है। मैच के अंत में बिश्नोई गेंद से ज्यादा इस बात से डरे हुए थे कि उनका पैर कहाँ लैंड कर रहा है।
IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए सिर्फ आधे मैच खेलने वाले बिश्नोई को जब टीम में शामिल किया गया, तो लगा कि वे इंग्लैंड के खिलाफ एक बड़ा ‘ट्रंप कार्ड’ होंगे, लेकिन उनकी अजीबोगरीब गेंदबाजी तकनीक ने टीम इंडिया को ही भारी नुकसान पहुँचा दिया।
आईपीएल का ‘इम्पैक्ट प्लेयर रूल’ और 6th बॉलिंग ऑप्शन का अकाल
भारतीय टीम इस समय एक अजीब दौर से गुजर रही है। टीम के पास छठे गेंदबाजी विकल्प (6th Bowling Option) की भारी कमी है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आईपीएल का ‘इम्पैक्ट प्लेयर रूल’ माना जा रहा है। इस नियम ने कप्तानों के दिमाग और ऑलराउंडर्स के करियर को नुकसान पहुँचाया है। जब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में इंडिया अपने छठे बॉलिंग ऑप्शन को तैयार नहीं करेगी, तब तक ऐसी पिचों पर सीरीज जीतना नामुमकिन होगा।
इसके अलावा, टीम का बैटिंग ऑर्डर भी चर्चा में है। अक्षर पटेल तक नंबर 7 तक टीम में सारे लेफ्ट-हैंडर्स भरे पड़े हैं और इकलौते राइट-हैंडर खुद कप्तान अय्यर हैं। इस खराब कॉम्बिनेशन के कारण विरोधी कप्तानों को रणनीति बनाने में बेहद आसानी हो रही है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी और गंभीर की कोचिंग पर उठते सवाल
टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ उसने अपने वर्ल्ड कप विनर कप्तान (सूर्यकुमार यादव) और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को ड्रॉप कर दिया है। सूर्या की जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाना और संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को खिलाना इन फैसलों पर बहस लगातार जारी है।
श्रेयस अय्यर अपनी कप्तानी के शुरुआती 4 मैचों में से 3 मैच हार चुके हैं। इतना तो सूर्या अपने पूरे कप्तानी करियर में हारे थे। आयरलैंड दौरे पर खुद अय्यर ने माना था कि टीम प्लानिंग और एनालिसिस में पीछे रह गई, और अब इंग्लैंड में भी वही कहानी दोहराई गई।
