तिरुवनंतपुरम: विराट कोहली की नाबाद 139 रन की तूफानी पारी, कप्तान शुभमन गिल का शतक और कुलदीप यादव के चार विकेट। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में भारत की आठ विकेट की जीत के बाद सुर्खियां इन्हीं तीन नामों के आसपास रहीं।
लेकिन इसी मुकाबले में Prasidh Krishna के 10 ओवर में 60 रन देकर दो विकेट शायद स्कोरकार्ड पर जितने साधारण दिखाई देते हैं, भारतीय टीम के भविष्य के लिहाज से उनका महत्व उससे कहीं अधिक हो सकता है। वेस्टइंडीज ने 295/7 बनाए और भारत ने 300/2 बनाकर 41.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
100 रन बिना विकेट, फिर भारत ने कैसे लगाया ब्रेक?
वेस्टइंडीज की शुरुआत ने भारतीय गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया था। जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स की सलामी जोड़ी ने तेजी से रन जोड़े और एक समय कैरेबियाई टीम बड़े स्कोर की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही थी। ग्रीव्स ने 101 और कैंपबेल ने 62 रन बनाए, लेकिन इसके बाद भारत ने मुकाबले में वापसी की। कुलदीप यादव ने 10 ओवर में 40 रन देकर चार विकेट झटके, जबकि प्रसिद्ध ने केसी कार्टी और रोस्टन चेज को आउट किया।
कार्टी का विकेट प्रसिद्ध की सबसे बड़ी ताकत का उदाहरण भी था। उन्होंने गेंद को hard length पर पटका, अतिरिक्त उछाल मिला और पुल करने की कोशिश में कार्टी गेंद को ठीक से नियंत्रित नहीं कर सके।
Hard Length पर लंबे समय से काम कर रहे हैं Prasidh
मैच के बाद प्रसिद्ध ने बताया कि hard length हमेशा से उनकी गेंदबाजी की बड़ी ताकत रही है, लेकिन हाल के समय में वह अपनी लेंथ को और बेहतर करने पर काम कर रहे हैं। प्रसिद्ध के मुताबिक वह कुछ ज्यादा शॉर्ट गेंदबाजी कर रहे थे और इसे सुधारना चाहते थे। उनका जोर इस बात पर था कि जब गेंदबाज को अपनी भूमिका और टीम की योजना को लेकर स्पष्टता हो तो मैदान पर उसे अमल में लाना आसान हो जाता है।
यही clarity उनकी गेंदबाजी में भी दिखाई दी। कार्टी के बाद उन्होंने चेज को short-of-a-length गेंद पर बोल्ड किया। गेंद अपेक्षा से तेजी से आई और चेज बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में अंदरूनी किनारे से चूक गए।
अचानक Pace Attack के अनुभवी गेंदबाज बने Prasidh
इस प्रदर्शन का एक दूसरा पहलू भी है। भारत की Playing XI में मोहम्मद सिराज नहीं थे। ऐसे में प्रसिद्ध को गुरनूर बराड़ और नितीश कुमार रेड्डी के साथ pace attack संभालना पड़ा। यह प्रसिद्ध का 29वां ODI था और इस गेंदबाजी समूह में अनुभव के लिहाज से जिम्मेदारी स्वाभाविक रूप से उनके कंधों पर अधिक थी। उनके ODI करियर में अब 52 विकेट हो चुके हैं।
दिलचस्प बात यह है कि प्रसिद्ध और गुरनूर एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अनजान भी नहीं हैं। दोनों गुजरात टाइटंस के setup का हिस्सा रहे हैं। गुजरात टाइटंस ने 2026 के लिए भी दोनों को अपने squad में बरकरार रखा था।
प्रसिद्ध ने भी मैच के बाद इस तालमेल का जिक्र किया और बताया कि एक-दूसरे की strengths और weaknesses की जानकारी दबाव के समय मदद करती है।
2026 में भारत के No.1 ODI wicket-taker
प्रसिद्ध के प्रदर्शन को एक और आंकड़ा महत्वपूर्ण बना देता है। 2026 में प्रसिद्ध कृष्णा ने अब तक 8 ODI में 15 विकेट लिए हैं। इस समय वह इस साल भारत के लिए ODI में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। इनमें अफगानिस्तान के खिलाफ उनका 5/23 का प्रदर्शन भी शामिल है। यानी वेस्टइंडीज के खिलाफ 2/60 को अकेले एक मैच के आंकड़े के रूप में देखने के बजाय उनके इस साल के ODI progression के हिस्से के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
2027 World Cup के लिहाज से क्यों अहम है यह Series?
वेस्टइंडीज सीरीज शुरू होने से पहले ही भारत के bowling coach Morne Morkel ने प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे second-line fast bowlers को पर्याप्त match time देने की जरूरत पर जोर दिया था। उनका मानना था कि अलग-अलग परिस्थितियों और roles में गेंदबाजों को आजमाना 2027 World Cup के लिए बड़ा bowling pool तैयार करने में अहम होगा।
ऐसे में प्रसिद्ध के लिए यह सिर्फ तीन मैचों की bilateral series नहीं है। हर spell उनके 2027 World Cup case का हिस्सा बन सकता है। पहले ODI में उन्हें विकेट भी मिले और एक युवा pace unit में अतिरिक्त जिम्मेदारी भी।
Kohli को देखकर Dugout में भी था एक ही सवाल
प्रसिद्ध ने विराट कोहली की 139* रन की पारी की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि डगआउट में बैठे खिलाड़ी तक यह सोच रहे थे कि जिस अंदाज में कोहली बल्लेबाजी कर रहे हैं, उन्हें आखिर गेंदबाजी कैसे की जाए। कोहली ने 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए, जबकि गिल ने 108 गेंदों में 110 रन की पारी खेली। भारत ने 296 रन का लक्ष्य 50 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
प्रसिद्ध ने कुलदीप यादव के 4/40 के प्रदर्शन को भी उनकी लगातार मेहनत का परिणाम बताया। और शायद यही कारण है कि प्रसिद्ध की अपनी गेंदबाजी उस शाम चर्चा में पीछे रह गई।
लेकिन 2027 World Cup की तैयारी के बड़े फ्रेम में देखें तो 2/60 के ये आंकड़े एक दूसरी कहानी भी कहते हैं: प्रसिद्ध कृष्णा अब सिर्फ pace attack का हिस्सा नहीं, जरूरत पड़ने पर उसकी जिम्मेदारी उठाने वाले गेंदबाज बनने की कोशिश कर रहे हैं।
