वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज भारत ने 2-1 से अपने नाम कर ली, लेकिन आखिरी मुकाबले ने जीत के जश्न के साथ कई सवाल भी छोड़ दिए। भारत ने 351 रन बनाए, इसके बावजूद वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से लक्ष्य हासिल कर लिया। शाई होप की नाबाद 162 रन की पारी ने भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियों को खुलकर सामने रख दिया।
अब चर्चा अगले बड़े पड़ाव, न्यूजीलैंड दौरे की है। सवाल उठ रहा है कि वेस्टइंडीज सीरीज के बाद किन खिलाड़ियों की जगह खतरे में है? पहली नजर में खराब आंकड़े वाले खिलाड़ियों को बाहर करना आसान लगता है, लेकिन न्यूजीलैंड के लिए टीम चुनना सिर्फ पिछली तीन पारियों के आंकड़ों का मामला नहीं होगा। Conditions, workload, squad balance और World Cup 2027 की planning, चारों को साथ रखकर फैसला करना होगा।
कप्तान शुभमन गिल ने भी वेस्टइंडीज सीरीज के बाद एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है। उनका कहना है कि विश्व कप से पहले अब भारत के पास बहुत ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं बचा है और अगली सीरीज से टीम उस combination को ज्यादा मौके देना चाहेगी, जो 2027 World Cup की योजनाओं के करीब है।
Gurnoor Brar को बाहर करना चाहिए?
वेस्टइंडीज सीरीज के बाद गुरनूर बरार की गेंदबाजी सवालों के घेरे में जरूर है। लेकिन न्यूजीलैंड दौरे से उन्हें बाहर करने की बात अभी जल्दबाजी हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह न्यूजीलैंड की परिस्थितियां हैं। वहां तेज गेंदबाजों के लिए अलग चुनौती होगी और भारतीय टीम यह जरूर देखना चाहेगी कि अतिरिक्त उछाल और सीम मूवमेंट वाली परिस्थितियों में उसके युवा pace options क्या कर सकते हैं।
इसके अलावा भारत को सिर्फ न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे नहीं खेलने हैं। दौरा multi-format है, जहां कुल 12 मैच खेले जाएंगे और ऐसे में प्रमुख गेंदबाजों का workload भी selection में भूमिका निभाएगा। टीम इंडिया पांच मैचों की वनडे सीरीज 1 नवंबर से खेलेगी।
ऐसे में अगर जसप्रीत बुमराह जैसे frontline pacer ODI squad में लौटते भी हैं, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि वे पांचों मुकाबले खेलेंगे। Test cricket और बाकी workload को देखते हुए भारत अपने pace resources को rotate कर सकता है। इसलिए Brar का NZ ticket सिर्फ WI series की economy rate के आधार पर काट देना तार्किक नहीं दिखता।
Nitish Reddy का मामला और भी अलग
नितीश कुमार रेड्डी वेस्टइंडीज के खिलाफ मिले मौकों का पूरा फायदा नहीं उठा पाए। लेकिन यहां प्रदर्शन से बड़ा सवाल है team combination का। भारत को pace-bowling all-rounder चाहिए। Hardik Pandya की उपलब्धता और workload लंबे समय से management के लिए महत्वपूर्ण विषय रहे हैं।
इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू ODI series के लिए भी BCCI ने साफ किया था कि Hardik को दस ओवर गेंदबाजी के लिए clearance नहीं मिला था और उनका workload manage किया जा रहा था। अगर आगामी न्यूजीलैंड दौरे के वनडे में Hardik उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो Nitish की उपयोगिता अपने आप बढ़ जाती है। वह middle/lower order में बल्लेबाजी के साथ seam bowling का विकल्प देते हैं।
इसलिए Nitish को सिर्फ West Indies series के प्रदर्शन के आधार पर संभावित DROP बताना squad balance की बड़ी तस्वीर को नजरअंदाज करना होगा। उनकी Playing XI की जगह निश्चित नहीं है, लेकिन squad में उनकी जरूरत बनी रह सकती है।
Ravindra Jadeja पर असली सवाल
इन नामों में रवींद्र जडेजा की स्थिति सबसे दिलचस्प हो सकती है। मुद्दा यह नहीं है कि Jadeja अचानक खराब खिलाड़ी हो गए हैं। सवाल है कि World Cup combination में भारत एक जैसी भूमिका निभाने वाले कितने spin-bowling all-rounders रखना चाहता है। अगर Axar Patel और Washington Sundar दोनों न्यूजीलैंड के लिए उपलब्ध होते हैं, तो overseas ODI squad में तीसरे spin-bowling all-rounder की जरूरत पर selectors को फैसला करना पड़ेगा।
यहीं Jadeja पर दबाव बढ़ता है। और क्योंकि Gill कह चुके हैं कि अब प्रयोगों को कम करके World Cup के संभावित combination की तरफ बढ़ने का वक्त है, न्यूजीलैंड सीरीज इस सवाल का बड़ा जवाब दे सकती है कि Jadeja अभी भी 2027 की पहली पसंद हैं या Axar-Washington की जोड़ी उनसे आगे निकल चुकी है।
असली बदलाव शायद batting में हो
West Indies series के बाद सबसे ज्यादा चर्चा bowlers की हो रही है, लेकिन New Zealand squad में बड़ी काट-छांट batting department में भी हो सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण है Shreyas Iyer की वापसी। Iyer middle order में वापस आते हैं तो किसी बल्लेबाज को जगह खाली करनी पड़ेगी। ऐसे में Ruturaj Gaikwad पर selection pressure बढ़ सकता है। हालांकि तीसरे ODI में उन्होंने 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और Rohit Sharma के साथ 137 रन जोड़े थे। यानी उन्हें बाहर करना केवल “खराब प्रदर्शन” के आधार पर सही नहीं होगा।
मुद्दा फिर वही है: जगह कितनी हैं और preferred World Cup combination क्या है?
Ishan Kishan लौटे तो Dhruv Jurel का क्या होगा?
एक और दिलचस्प मामला wicketkeeper slot का हो सकता है। अगर selectors Ishan Kishan को ODI setup में वापस लाते हैं और KL Rahul मुख्य wicketkeeper-batter बने रहते हैं, तो squad में तीसरे wicketkeeping option की जरूरत कम हो सकती है।
ऐसी स्थिति में Dhruv Jurel की जगह भी दबाव में आ सकती है।
यह Jurel के प्रदर्शन पर फैसला कम और squad composition का फैसला ज्यादा होगा। अगर Ishan को backup wicketkeeper के साथ top/middle-order batting option के रूप में देखा जाता है, तो selectors उसी एक जगह से दो जरूरतें पूरी कर सकते हैं।
इसलिए ‘तीन खराब खिलाड़ी बाहर’ वाली कहानी इतनी आसान नहीं
वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी ODI में भारत की गेंदबाजी और fielding ने चिंता जरूर बढ़ाई है। Gill ने खुद Powerplay और Death Overs की गेंदबाजी के साथ fielding में सुधार की जरूरत स्वीकार की है। सीरीज में छूटे catches भी चिंता का विषय रहे।
लेकिन इसका समाधान जरूरी नहीं कि पिछले तीन मैचों में महंगे साबित हुए गेंदबाजों को सीधे बाहर कर देना हो।
New Zealand squad चुनते समय selectors के सामने असली equation कुछ ऐसी हो सकती है:
- Shreyas Iyer लौटते हैं तो किस बल्लेबाज की जगह जाएगी?
- Ishan Kishan आते हैं तो wicketkeeper combination क्या होगा?
- Axar और Washington उपलब्ध हुए तो Jadeja कहां खड़े होंगे?
- Hardik नहीं खेलते तो pace-bowling all-rounder कौन होगा?
- और Bumrah जैसे प्रमुख गेंदबाज लौटे तो उनके workload के बीच युवा pacers को कितने मौके मिलेंगे?
यानी West Indies series ने सिर्फ यह नहीं बताया कि कौन खिलाड़ी असफल रहा। उसने selectors के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि World Cup 2027 के लिए भारत का वास्तविक 15 कौन है?
और Gill के शब्दों में अब प्रयोग का समय कम है, तो न्यूजीलैंड दौरा शायद कुछ खिलाड़ियों के लिए एक और series भर नहीं होगा। यह World Cup की टीम में जगह बचाने या बनाने की परीक्षा भी हो सकती है।
