‘मैं अपने जोन में था’, रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक के बाद वैभव सूर्यवंशी का बड़ा बयान

Vaibhav Sooryavanshi International Fifty

जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 18 गेंदों पर अर्द्धशतक लगाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि यह पारी उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती दौर में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करेगी। 15 वर्षीय वैभव पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्द्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बन गए हैं।

भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्द्धशतक लगाकर इतिहास रच दिया। हरारे में खेले गए तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में वैभव ने केवल 18 गेंदों में पचास रन पूरे किए और भारत की सात विकेट की जीत की नींव रखी।

इस रिकॉर्ड तोड़ पारी के बाद वैभव ने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई यह पारी आगे के मुकाबलों के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी।

इंग्लैंड दौरे पर नहीं चला था बल्ला

वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी, लेकिन शुरुआती तीन पारियों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने अपने पहले तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में क्रमशः 10 गेंदों पर 14 रन, पांच गेंदों पर 13 रन और 10 गेंदों पर 15 रन बनाए थे।

तीन पारियों में केवल 42 रन बनाने के बाद युवा बल्लेबाज पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का दबाव बढ़ने लगा था। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सभी सवालों का जवाब दे दिया।

‘ऐसी पारी से आगे के मैचों के लिए आत्मविश्वास मिलता है’

बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जब आप अपने करियर के शुरुआती दौर में होते हैं और शुरुआत में ही ऐसी पारी खेलते हैं, तो इससे अगले मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास मिलता है। मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं अपने जोन में हूं और मैंने अपनी ताकत पर भरोसा किया।”

वैभव ने अपनी पारी के दौरान जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण 126 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को कभी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा

वैभव सूर्यवंशी ने 15 वर्ष और 118 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्द्धशतक लगाया। इसके साथ ही उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का लंबे समय से चला आ रहा भारतीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

सचिन तेंदुलकर ने वर्ष 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्द्धशतक लगाया था। उस समय सचिन की उम्र 16 वर्ष और 213 दिन थी।

वैभव अब पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।

हरारे में फिर चमका वैभव का बल्ला

हरारे का मैदान वैभव सूर्यवंशी के लिए लगातार यादगार साबित हो रहा है। इससे पहले उन्होंने इसी मैदान पर 2026 अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ केवल 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली थी।

कुछ महीनों बाद उसी मैदान पर लौटकर वैभव ने अपने सीनियर अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्द्धशतक भी जड़ दिया। हालांकि, युवा बल्लेबाज ने कहा कि वह किसी भी मैदान पर मिली सफलता को हल्के में नहीं लेना चाहते।

वैभव ने कहा, “कुछ मैदान ऐसे होते हैं, जहां आपको रन बनाना पसंद होता है। लेकिन मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं। मेरा प्रयास है कि जहां भी खेलने का अवसर मिले, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं, टीम के लिए योगदान दूं और अच्छा खेलूं।”

परिवार और कोचों को समर्पित किया अर्द्धशतक

रिकॉर्ड बनाने के बाद वैभव ने अपनी ऐतिहासिक पारी परिवार, कोच और उनके सफर में सहयोग करने वाले सभी लोगों को समर्पित की।

उन्होंने कहा, “मैं यह पारी अपने परिवार, अपने कोच और उन सभी लोगों को समर्पित करना चाहता हूं, जिन्होंने मेरे इस सफर में मेरा साथ दिया।”

भारत ने सात विकेट से जीता पहला मुकाबला

पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम सात विकेट पर 125 रन ही बना सकी थी। भारत ने वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत के दम पर लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और मुकाबला सात विकेट से अपने नाम किया।

इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इंग्लैंड दौरे पर संघर्ष करने वाले वैभव के लिए यह पारी केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुरुआत भी मानी जा रही है।

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