जिम्बॉब्वे के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने के बाद वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम में शामिल करने की मांग उठने लगी है। भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर का मानना है कि 15 वर्षीय वैभव को अब ODI क्रिकेट में भी अवसर मिलना चाहिए।
इंजीनियर ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बड़े बदलाव का सुझाव देते हुए कहा है कि वैभव सूर्यवंशी और रोहित शर्मा को वनडे में पारी की शुरुआत करनी चाहिए। वहीं मौजूदा कप्तान शुभमन गिल को नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है।
उनका यह सुझाव भारतीय टीम के वर्तमान संयोजन से बिल्कुल अलग है। फिलहाल रोहित शर्मा और शुभमन गिल भारत की पहली पसंद की ओपनिंग जोड़ी हैं, जबकि श्रेयस अय्यर ने नंबर-4 पर अपनी जगह लगभग स्थायी कर ली है।
जिम्बॉब्वे में वैभव सूर्यवंशी ने दिखाया दम
वैभव सूर्यवंशी जिम्बॉब्वे के खिलाफ भारत की 3-0 की सीरीज जीत के सबसे बड़े नायक रहे। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने तीन पारियों में 151 रन बनाए और सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे।
पहले T20I में वैभव ने केवल 18 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। इसके बाद तीसरे मुकाबले में उन्होंने 49 गेंदों पर 81 रन की परिपक्व पारी खेली।
तीसरे T20I की पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी। गेंद रुककर बल्ले पर आ रही थी और बड़े शॉट खेलना कठिन था। ऐसे में वैभव ने अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली को नियंत्रित किया और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी की।
इस पारी ने यह संकेत दिया कि वह केवल पहली गेंद से बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि मैच की स्थिति और पिच के व्यवहार को समझकर अपनी गति बदलने की क्षमता भी रखते हैं।
उनके इसी प्रदर्शन के बाद फारुख इंजीनियर ने वैभव को वनडे क्रिकेट में आजमाने की वकालत की है।
रोहित के साथ वैभव को ओपन कराने की मांग
फारुख इंजीनियर का मानना है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन विपक्षी गेंदबाजों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कराने का सुझाव दिया है। इंजीनियर के अनुसार, पावरप्ले में फील्डिंग प्रतिबंधों का फायदा उठाने के लिए वैभव जैसे आक्रामक बल्लेबाज का ओपनिंग करना अधिक प्रभावशाली हो सकता है।
शुरुआती ओवरों में केवल दो फील्डर 30 गज के घेरे से बाहर रहते हैं। ऐसे में वैभव को बड़े गैप मिल सकते हैं और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधी टीम पर तुरंत दबाव बना सकते हैं।
इंजीनियर ने कहा कि रोहित शर्मा को 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम का हिस्सा बने रहना चाहिए। उनके मुताबिक रोहित और वैभव का दाएं-बाएं हाथ का संयोजन भारत को एक विस्फोटक शुरुआत दे सकता है।
शुभमन गिल को नंबर-4 पर भेजने का सुझाव
फारुख इंजीनियर ने शुभमन गिल को भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताते हुए उन्हें नंबर-4 पर खिलाने का सुझाव दिया।
उनका मानना है कि गिल की तकनीक मजबूत है और वह शुरुआती विकेट गिरने के बाद पारी को संभालने के साथ-साथ बीच के ओवरों में तेजी से रन भी बना सकते हैं।
इंजीनियर के प्रस्तावित बल्लेबाजी क्रम में रोहित शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ओपनिंग करेंगे। विराट कोहली नंबर-3 पर उतरेंगे, जबकि शुभमन गिल चौथे स्थान पर बल्लेबाजी करेंगे।
इससे भारत का शीर्ष क्रम कुछ ऐसा हो सकता है—
रोहित शर्मा
वैभव सूर्यवंशी
विराट कोहली
शुभमन गिल
कागज पर यह बल्लेबाजी क्रम बेहद मजबूत दिखाई देता है। हालांकि इस बदलाव की सबसे बड़ी समस्या श्रेयस अय्यर की भूमिका होगी, जिन्होंने लंबे समय से भारत की नंबर-4 की समस्या का समाधान किया है।
क्या श्रेयस अय्यर से छीना जा सकता है नंबर-4?
श्रेयस अय्यर ने वनडे क्रिकेट में भारत के लिए नंबर-4 पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2019 विश्व कप के बाद भारतीय टीम जिस स्थायी नंबर-4 बल्लेबाज की तलाश कर रही थी, वह भूमिका अय्यर ने काफी हद तक पूरी की।
2023 वनडे विश्व कप में अय्यर ने 530 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक और तीन अर्धशतक निकले। मध्यक्रम में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को कई मुकाबलों में मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
अय्यर ने अपने वनडे करियर में 3000 से अधिक रन बनाए हैं, जिनमें लगभग 2000 रन नंबर-4 पर आए हैं।
ऐसे में केवल वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने के लिए श्रेयस अय्यर का बल्लेबाजी क्रम बदलना आसान फैसला नहीं होगा।
शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर का ODI रिकॉर्ड
शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर की तुलना पूरी तरह समान परिस्थितियों में नहीं की जा सकती। गिल ने अपने करियर का अधिकांश हिस्सा ओपनर के रूप में खेला है, जबकि अय्यर मुख्य रूप से मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं।
| आंकड़ा | शुभमन गिल | श्रेयस अय्यर |
|---|---|---|
| पारियां | 66 | 76 |
| रन | 3379 | 3136 |
| औसत | 60.33 | 45.44 |
| स्ट्राइक रेट | 100.95 | 97.84 |
| अर्धशतक | 20 | 24 |
| शतक | 9 | 5 |
| सर्वश्रेष्ठ स्कोर | 208 | 128* |
आंकड़ों में गिल का औसत और स्ट्राइक रेट अय्यर से बेहतर है। हालांकि गिल को नई गेंद और पावरप्ले का लाभ मिलता है, जबकि अय्यर को अक्सर बीच के ओवरों में स्पिन और पुरानी गेंद के खिलाफ बल्लेबाजी करनी पड़ती है।
इसलिए केवल कुल आंकड़ों के आधार पर दोनों की भूमिका का फैसला करना उचित नहीं होगा।
दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियां भी होंगी अहम
2027 वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बॉब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर अतिरिक्त उछाल और तेज गेंदबाजों के लिए मदद मिलने की संभावना रहती है।
शुभमन गिल के पास मजबूत बैकफुट गेम है। उनके कट, पुल और स्क्वायर ड्राइव जैसी शॉट्स दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में प्रभावी हो सकती हैं।
दूसरी ओर श्रेयस अय्यर को अपने करियर के शुरुआती वर्षों में शॉर्ट गेंदों के खिलाफ परेशानी हुई थी। हालांकि उन्होंने इस कमजोरी पर काफी काम किया है और हाल के वर्षों में पुल तथा हुक शॉट खेलने में सुधार किया है।
फिर भी 2027 विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण होगा।
क्या वैभव को सीधे ODI टीम में शामिल करना सही होगा?
वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर कोई संदेह नहीं है। उन्होंने बहुत कम उम्र में घरेलू क्रिकेट, अंडर-19 क्रिकेट, IPL और अब अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है।
लेकिन T20 और ODI क्रिकेट की आवश्यकताएं अलग होती हैं।
वनडे में बल्लेबाज को नई गेंद के शुरुआती खतरे से बचते हुए 30 से 40 ओवर तक बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है। पावरप्ले के बाद फील्ड फैलने पर स्ट्राइक रोटेशन, फिटनेस और लंबी पारी खेलने की क्षमता अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
जिम्बॉब्वे के खिलाफ 49 गेंदों पर 81 रन की पारी ने यह जरूर दिखाया कि वैभव परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी बदल सकते हैं। फिर भी उन्हें ODI में उतारने से पहले घरेलू 50 ओवर क्रिकेट और इंडिया-A स्तर पर परखा जा सकता है।
टीम मैनेजमेंट के लिए आसान नहीं होगा बदलाव
फारुख इंजीनियर का सुझाव बहस के लिए आकर्षक है, लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट के इसे तुरंत स्वीकार करने की संभावना कम दिखाई देती है।
रोहित शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी पहले ही वनडे क्रिकेट में सफल रही है। विराट कोहली नंबर-3 और श्रेयस अय्यर नंबर-4 पर स्थापित हैं। ऐसे में वैभव के लिए जगह बनाने हेतु भारत को अपने पूरे शीर्ष क्रम में बदलाव करना पड़ेगा।
फिलहाल अधिक व्यावहारिक रास्ता यह हो सकता है कि वैभव को बैकअप ओपनर के रूप में वनडे टीम के साथ जोड़ा जाए, हालांकि यहां भी यशस्वी जायसवाल पहले से दावेदार हैं।
