इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 से पहले दो फ्रेंचाइजियों के बीच हाल के वर्षों के सबसे बड़े खिलाड़ी ट्रेड में से एक आधिकारिक रूप से पूरा हो गया है। ऋषभ पंत दिल्ली कैपिटल्स (DC) में लौट आए हैं, जबकि कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का हिस्सा होंगे।
IPL की ओर से मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस हाई-प्रोफाइल ट्रेड की पुष्टि की गई।
27 करोड़ से 15 करोड़ तक पहुंची ऋषभ पंत की कीमत
ऋषभ पंत ने 2016 से 2024 तक दिल्ली कैपिटल्स के लिए नौ सीजन खेले थे। इस दौरान उन्होंने 111 मुकाबले खेले, जो फ्रेंचाइजी के लिए किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे ज्यादा मैच हैं। वह 2021 से 2024 के बीच चार सीजन तक टीम के कप्तान भी रहे।
दिल्ली कैपिटल्स से रिलीज होने के बाद IPL 2025 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो आज भी IPL इतिहास की सबसे बड़ी बोली है। हालांकि, अब पंत संशोधित 15 करोड़ रुपये की फीस पर अपनी पुरानी टीम में वापस लौट आए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पंत इस तरह हाल के वर्षों में वेतन कटौती के साथ ट्रेड होने वाले दूसरे बड़े भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले रविंद्र जडेजा भी ट्रेड के दौरान कम वेतन पर नई टीम में शामिल हुए थे।
LSG में नहीं चला पंत का कप्तानी प्रयोग
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए IPL 2026 का सीजन बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मैचों में सिर्फ चार जीत के साथ अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रही।
पंत का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 13 पारियों में 312 रन बनाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 68 रन रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 138.05 का था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2026 फाइनल से दो दिन पहले ही पंत ने फ्रेंचाइजी को कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले से अवगत करा दिया था। इससे पहले टीम डायरेक्टर टॉम मूडी भी संकेत दे चुके थे कि टीम नेतृत्व संरचना में बदलाव पर विचार कर रही है।
कुलदीप यादव को मिला नया ठिकाना
इस ट्रेड के दूसरे हिस्से में कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स की स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी संभालेंगे। कुलदीप 2022 से दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थे और पिछले पांच सीजन में टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रहे। उन्होंने DC के लिए 65 मैचों में 72 विकेट हासिल किए और 8.24 की इकॉनमी से गेंदबाजी की।
हालांकि IPL 2026 उनके लिए अपेक्षाकृत साधारण रहा। उन्होंने 11 पारियों में सिर्फ 10 विकेट लिए और 10.29 की इकॉनमी से रन खर्च किए। इसके बावजूद उनका अनुभव और विकेट निकालने की क्षमता LSG के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकती है।
दोनों टीमों की रणनीति क्या है?
दिल्ली कैपिटल्स इस ट्रेड के जरिए एक बार फिर अपनी पहचान से जुड़े खिलाड़ी को वापस लेकर टीम के नेतृत्व और बल्लेबाजी क्रम को मजबूत करना चाहती है।
दूसरी तरफ लखनऊ सुपर जायंट्स एक नए सिरे से टीम बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। टीम ने पिछले तीन सीजन में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन किया है और अब वह एक संतुलित संयोजन बनाने की कोशिश करेगी।
यह ट्रेड सिर्फ दो खिलाड़ियों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि दोनों फ्रेंचाइजियों की नई रणनीतिक दिशा का संकेत भी है।
