रियान पराग ‘वेप’ विवाद; खिलाड़ी नहीं बल्कि मैच रेफरी पर गिर सकती है गाज! जानें कारण

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैला हुआ है, जिसमें वह पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ‘वेपिंग’ करते नजर आ रहे हैं। 16वें ओवर में आउट होकर लौटने के बाद पराग को ड्रेसिंग रूम में डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए देखा गया। अब इस मामले में बीसीसीआई (BCCI) की ओर से बड़ी अपडेट सामने आई है।

BCCI क्यों नहीं लेगी रियान पराग पर एक्शन?

स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट विपुल कश्यप (ANI) के अनुसार, बीसीसीआई रियान पराग के खिलाफ कोई सीधा दंडात्मक कदम उठाने की संभावना कम ही है। इसका कारण आईपीएल या बीसीसीआई की मौजूदा आचार संहिता (Code of Conduct) में ऐसी किसी घटना के लिए स्पष्ट सजा का प्रावधान न होना है। चूंकि नियम पुस्तिका में इस विशेष कृत्य के लिए कोई नियम नहीं है, इसलिए खिलाड़ी को तकनीकी रूप से सजा देना मुश्किल है।

मैच रेफरी और अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

बोर्ड अब खिलाड़ी के बजाय मैच अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रहा है। बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सवाल यह है कि लाइव मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई खिलाड़ी प्रतिबंधित उपकरण कैसे ला सकता है और उसका इस्तेमाल कैसे कर सकता है?

संभावित कार्रवाई: यदि इस मामले में कोई कार्रवाई होती है, तो वह मैच रेफरी या उन अधिकारियों के खिलाफ हो सकती है जो ड्रेसिंग रूम और टीम क्षेत्रों में अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार थे।

सूत्रों का कहना: “बोर्ड मैच रेफरी को दंडित कर सकता है क्योंकि लाइव मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में कोई खिलाड़ी प्रतिबंधित वस्तु कैसे ला सकता है? रियान को दंडित करने के लिए नियम पुस्तिका में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।”

मैच का संदर्भ

यह घटना 28 अप्रैल को पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के दौरान हुई। रियान पराग के इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर फैंस कड़ी आलोचना कर रहे हैं और इसे खेल की मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं।

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