रोहन राजे ने वानखेड़े में दोहराया फ्लिंटॉफ जैसा जश्न, MSC मराठा रॉयल्स फिर चैंपियन

मुंबई टी20 लीग 2026 का फाइनल शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जहां MSC मराठा रॉयल्स ने ARCS अंधेरी को रोमांचक मुकाबले में 8 रन से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। मराठा रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 154/5 का स्कोर बनाया, जवाब में ARCS अंधेरी 20 ओवर में 146/8 तक ही पहुंच सकी। तुषार देशपांडे को प्लेयर ऑफ द मैच और सुवेद पारकर को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

लेकिन इस फाइनल की सबसे ज्यादा चर्चा सिर्फ नतीजे की वजह से नहीं हुई, बल्कि मैच खत्म होने के बाद रोहन राजे के जश्न ने सबका ध्यान खींच लिया। 39 साल के अनुभवी गेंदबाज रोहन राजे ने आखिरी ओवर में 14 रन बचाए और जीत पक्की होते ही अपनी MSC मराठा रॉयल्स की जर्सी उतारकर हवा में उछाल दी। यह दृश्य देखकर कई फैंस को 2002 में वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ का मशहूर जश्न याद आ गया।

वानखेड़े में फिर दिखा ‘शर्ट उतारने वाला’ जश्न

साल 2002 में भारत और इंग्लैंड के बीच वानखेड़े में खेले गए वनडे मुकाबले के बाद एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने अपनी शर्ट उतारकर मैदान में दौड़ लगाई थी। इंग्लैंड ने उस रोमांचक मुकाबले में भारत को हराकर छह मैचों की सीरीज 3-3 से बराबर की थी। कुछ महीनों बाद लॉर्ड्स में नेटवेस्ट सीरीज फाइनल जीतने के बाद सौरव गांगुली ने बालकनी में शर्ट उतारकर उसका जवाब दिया था। क्रिकेट इतिहास में ये दोनों जश्न आज भी याद किए जाते हैं।

अब मुंबई टी20 लीग फाइनल में रोहन राजे ने लगभग वैसा ही अंदाज दिखाया। हालांकि यह अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं था, लेकिन फाइनल का दबाव, आखिरी ओवर की स्थिति और वानखेड़े का माहौल इस पल को बेहद खास बना गया।

आखिरी ओवर में क्या हुआ?

ARCS अंधेरी को आखिरी ओवर में जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। गेंद रोहन राजे के हाथ में थी। राजे ने पहली गेंद डॉट डाली। दूसरी गेंद पर बाई का एक रन आया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो डॉट गेंदें डालकर मैच लगभग मराठा रॉयल्स की पकड़ में कर दिया।

पांचवीं गेंद पर मोइन नौशाद अहमद ने चौका जरूर लगाया, लेकिन तब तक समीकरण 1 गेंद पर 9 रन का हो चुका था। राजे को सिर्फ एक वैध गेंद डालनी थी और उन्होंने आखिरी गेंद डॉट डालकर MSC मराठा रॉयल्स की जीत पक्की कर दी। आखिरी ओवर में केवल 5 रन बने और मराठा रॉयल्स ने 8 रन से फाइनल जीत लिया।

मैच में दिखी गहमा-गहमी

फाइनल में रोमांच के साथ-साथ मैदान पर गहमा-गहमी भी देखने को मिली। मैच के दौरान डगआउट के पास तनावपूर्ण स्थिति बनी और एक खिलाड़ी के आउट होने के बाद बहस जैसी स्थिति पैदा हुई। फाइनल जैसे बड़े मैच में भावनाएं अक्सर चरम पर होती हैं, और यही चीज इस मुकाबले में भी दिखी।

आज के दौर में आईपीएल या बड़े टूर्नामेंटों में खिलाड़ी अक्सर मैदान के बाहर अच्छे दोस्त की तरह दिखते हैं, लेकिन मुंबई टी20 लीग के इस फाइनल में स्थानीय क्रिकेट की वह पुरानी प्रतिस्पर्धा नजर आई, जहां हर रन, हर विकेट और हर ओवर पर भावनाएं खुलकर दिखती हैं।

रोहन राजे कौन हैं?

रोहन राजे मुंबई क्रिकेट का जाना-पहचाना नाम रहे हैं। वह कभी आईपीएल में मुंबई इंडियंस का हिस्सा भी रह चुके हैं। राजे ने 2008 और 2009 में मुंबई इंडियंस के लिए खेला था। उस समय उन्हें एक उपयोगी तेज गेंदबाज के रूप में देखा जाता था।

अब 39 साल की उम्र में भी उन्होंने दिखा दिया कि अनुभव बड़े मैचों में कितना काम आता है। आखिरी ओवर में जब दबाव सबसे ज्यादा था, तब उन्होंने शांत रहकर गेंदबाजी की और अपनी टीम को खिताब दिलाया। यही वजह है कि उनका जश्न भी उतना ही भावुक और आक्रामक था।

MSC मराठा रॉयल्स की बड़ी उपलब्धि

MSC मराठा रॉयल्स के लिए यह जीत बेहद खास रही। टीम ने लगातार दूसरी बार मुंबई टी20 लीग का खिताब जीता। खास बात यह रही कि टीम ने नॉकआउट में जगह चौथी टीम के रूप में बनाई थी। लीग चरण में उनका सफर बहुत आसान नहीं रहा, लेकिन बड़े मैचों में टीम ने अपना खेल ऊपर उठाया।

सेमीफाइनल में जीत के बाद फाइनल में ARCS अंधेरी जैसी मजबूत टीम को हराना आसान नहीं था। लेकिन मराठा रॉयल्स ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और दबाव संभालने में बेहतर प्रदर्शन किया। फाइनल में 154 का स्कोर वानखेड़े जैसे मैदान पर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन गेंदबाजों ने उसे खिताबी स्कोर बना दिया।

तुषार देशपांडे और गेंदबाजों की भूमिका अहम

फाइनल में तुषार देशपांडे ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने अपने स्पेल में महत्वपूर्ण विकेट लेकर अंधेरी की रन चेज को दबाव में रखा। तुषार देशपांडे ने चार ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। उनके अलावा इरफान उमैर ने भी दो विकेट लेकर मैच का रुख मराठा रॉयल्स की तरफ मोड़ा।

19वें ओवर में इरफान उमैर ने दो विकेट झटके, जिसने ARCS अंधेरी की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। इसके बाद आखिरी ओवर में रोहन राजे ने काम पूरा किया।

ARCS अंधेरी चूकी, लेकिन लड़ाई आखिरी ओवर तक गई

ARCS अंधेरी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। टीम को अंतिम ओवर में 14 रन चाहिए थे, लेकिन वे सिर्फ 5 रन ही बना सके। 146/8 का स्कोर बताता है कि टीम पूरी तरह मुकाबले से बाहर नहीं थी, लेकिन मराठा रॉयल्स ने निर्णायक पलों में बेहतर खेल दिखाया।

फाइनल का दबाव अक्सर छोटे-छोटे पलों में तय होता है। 18वें और 19वें ओवर में विकेट, आखिरी ओवर में डॉट गेंदें और दबाव में बल्लेबाजों की गलती, इन्हीं चीजों ने इस फाइनल का फैसला किया।

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