आईपीएल 2026 का सीजन अब सिर्फ चौकों-छक्कों का खेल नहीं रह गया है, बल्कि यह अनुशासनहीनता और सुरक्षा में बड़ी सेंध का अखाड़ा बन चुका है। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) कांड और ‘गर्लफ्रेंड कल्चर’ के बढ़ते प्रभाव ने बीसीसीआई को इतना नाराज कर दिया है कि सचिव देवाजीत सैकिया ने 8 पन्नों का एक ऐसा ‘SOP’ जारी किया है, जो किसी ‘डेथ वारंट’ से कम नहीं है।
इस बार बीसीसीआई के निशाने पर सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि नीता अंबानी और संजीव गोयनका जैसे रसूखदार फ्रेंचाइजी मालिक भी हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब मैदान पर “मालिकों की मनमानी” नहीं चलेगी।
मालिकों के ‘पर कतरे’: अब अंबानी और गोयनका भी रडार पर
बीसीसीआई ने इस बार सबसे बड़ा प्रहार फ्रेंचाइजी मालिकों की ‘अति-सक्रियता’ पर किया है। अक्सर देखा जाता है कि मैच के दौरान मालिक डगआउट में जाकर खिलाड़ियों को गले लगाते हैं या हार-जीत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।
संजीव गोयनका विवाद का असर: पिछले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका द्वारा सार्वजनिक रूप से कप्तान केएल राहुल को फटकार लगाने वाली घटना ने बीसीसीआई की साख को ठेस पहुंचाई थी। नए नियमों के तहत अब गोयनका जैसे मालिक मैच के दौरान खिलाड़ियों से संवाद नहीं कर पाएंगे।
अंबानी परिवार पर भी पाबंदी: मुंबई इंडियंस की मालकिन नीता अंबानी और आकाश अंबानी को अक्सर डगआउट के करीब या मैदान पर खिलाड़ियों के साथ देखा जाता है। बीसीसीआई की नई ‘नो-फिजिकल कॉन्टैक्ट’ पॉलिसी के अनुसार, अब कोई भी मालिक खिलाड़ी को गले (Hug) नहीं लगा सकेगा और न ही मैच के दौरान उनसे शारीरिक संपर्क कर पाएगा।
डगआउट में ‘सन्नाटा’: नियमों के मुताबिक, मालिकों को डगआउट या ड्रेसिंग रूम में जाने की अनुमति तभी मिलेगी जब उनके पास पूर्व-निर्धारित मंजूरी हो। लाइव मैच के बीच में उनका दखल अब ‘गंभीर उल्लंघन’ माना जाएगा।
‘गर्लफ्रेंड कल्चर’ और हनी-ट्रैप: चकाचौंध के पीछे सट्टेबाजी का जाल
बीसीसीआई की एंटी-कप्शन यूनिट (ACSU) ने रिपोर्ट दी है कि आईपीएल में बढ़ता ‘गर्लफ्रेंड कल्चर’ अब सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अर्शदीप सिंह, हार्दिक पांड्या और ईशान किशन जैसे स्टार खिलाड़ियों को अक्सर उनकी महिला मित्रों और अनधिकृत करीबियों के साथ देखा गया है।
ब्लैकमेलिंग का खतरा: बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अज्ञात सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और “महिला मित्र” खिलाड़ियों को हनी-ट्रैप में फंसाकर टीम की गोपनीय जानकारी निकलवा सकते हैं। यह सीधा रास्ता मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी की ओर ले जाता है।
होटल रूम पर पहरा: अब बिना टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के कोई भी बाहरी व्यक्ति (चाहे वह कितना भी करीबी हो) खिलाड़ी के कमरे में नहीं जा पाएगा। मुलाकातें सिर्फ होटल की लॉबी में होंगी, जहाँ सीसीटीवी कैमरों की नजर रहे।
उल्लंघन किया तो क्या होगा?
बीसीसीआई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर:
तत्काल निलंबन (Suspension): खिलाड़ी या स्टाफ को तुरंत टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है।
कानूनी कार्रवाई: वेपिंग जैसे मामलों में भारतीय कानून के तहत पुलिस केस भी हो सकता है।
फ्रेंचाइजी पर जुर्माना: खिलाड़ियों की गलती के लिए पूरी टीम और उसके मालिकों को जिम्मेदार माना जाएगा।
बीसीसीआई का यह 8 पन्नों का पत्र आईपीएल को एक ‘पिकनिक स्पॉट’ से वापस एक ‘प्रोफेशनल स्पोर्ट्स लीग’ बनाने की कोशिश है। खिलाड़ियों और मालिकों को समझना होगा कि क्रिकेट की गरिमा उनके अहंकार और ग्लैमर से बड़ी है। अगर अब भी सुधार नहीं हुआ, तो आईपीएल की चमक विवादों के धुएं में खो जाएगी।
