भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई करने की भारत की कोशिशों को तब बड़ा बढ़ावा मिला, जब उत्तर कोरिया (DPR Korea) ने AFC अंडर-17 एशियाई कप 2026 से अपना नाम वापस ले लिया। इस एक फैसले ने भारत के लिए क्वालीफिकेशन का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है।
ग्रुप-D का बदला गणित: अब 4 नहीं, सिर्फ 3 टीमें
भारतीय टीम को शुरुआत में ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ (Group D) में रखा गया था, जिसमें मौजूदा चैंपियन उज्बेकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और उत्तर कोरिया जैसी मजबूत टीमें शामिल थीं। लेकिन उत्तर कोरिया के हटने के बाद अब इस ग्रुप में सिर्फ तीन टीमें रह गई हैं— भारत, उज्बेकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया।
अब भारत को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने और वर्ल्ड कप का टिकट पक्का करने के लिए सिर्फ दो टीमों के बीच टॉप-2 में जगह बनानी होगी।
क्या है क्वालीफिकेशन का पूरा समीकरण?
सऊदी अरब में 5 से 22 मई तक होने वाले इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली टीमें सीधे कतर में होने वाले FIFA अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लेंगी। भारत के पास अब कई रास्ते हैं:
एक जीत दिलाएगी टिकट: यदि भारत ऑस्ट्रेलिया या उज्बेकिस्तान में से किसी एक को भी हरा देता है, तो उसके पास 3 अंक होंगे, जो टॉप-2 में रहने के लिए काफी हो सकते हैं।
दो ड्रॉ की स्थिति: यदि भारत दोनों मैच ड्रॉ खेलता है (2 अंक), तब भी वह अन्य टीमों के नतीजों के आधार पर क्वालीफाई कर सकता है।
आदर्श स्थिति: एक जीत और एक ड्रॉ (4 अंक) भारत को ऐतिहासिक वर्ल्ड कप बर्थ की लगभग 100% गारंटी देगा।
चुनौती अभी भी बड़ी है
भले ही रास्ता साफ हुआ हो, लेकिन डगर अभी भी कठिन है। उज्बेकिस्तान डिफेंडिंग चैंपियन है और ऑस्ट्रेलिया ने भी क्वालीफाइंग दौर में बेहतरीन खेल दिखाया है। हालांकि, भारत ने भी ईरान और लेबनान जैसी टीमों को हराकर इस टूर्नामेंट में अपनी जगह बनाई है, जिससे टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।
