“पापा मैं Virat का wicket लेने वाला हूं…” एक गलत मोड़, और बन गया Team India का रास्ता: Harsh Dubey की फिल्मी कहानी

Harsh Dubey

कभी-कभी जिंदगी का सबसे सही रास्ता एक गलत मोड़ से शुरू होता है। Harsh Dubey की कहानी भी ऐसी ही है। साल 2010 था। नागपुर की सड़क पर Harsh अपने पिता के साथ चौथी क्लास की किताबें खरीदने जा रहे थे। रास्ता गलत पड़ गया। सामने Ruby Club में cricket practice चल रही थी। नौ साल के Harsh ने पिता से पूछा – ये क्या हो रहा है? पिता ने जवाब दिया – यहां cricketers बनते हैं।

बस, उसी दिन एक बच्चे की आंखों में सपना उतर गया। और अब वही Harsh Dubey Afghanistan series के लिए India के Test और ODI दोनों squads में जगह बना चुके हैं।

पिता ने नौकरी छोड़ी, मां ने सुबहें छोड़ीं

Harsh की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की मेहनत नहीं है। यह पूरे परिवार के sacrifice की कहानी है। उनके पिता CISF में थे, जहां transfer लगातार होते रहते थे। लेकिन जैसे-जैसे Harsh age-group cricket में आगे बढ़ने लगे, पिता को समझ आ गया कि बेटे के career को स्थिर माहौल चाहिए। और फिर उन्होंने बड़ा फैसला लिया- बेटे के cricket career के लिए नौकरी छोड़ दी।

मां teacher थीं। सुबह पांच बजे उठतीं, lunch pack करतीं, school जातीं और Harsh training से लौटते, उससे पहले घर का सिस्टम चलाती रहतीं। Harsh खुद मानते हैं कि उन्होंने अपने माता-पिता को अपनी personal life sacrifice करते देखा है। इसलिए जब वह अच्छा करते हैं, तो सबसे बड़ी खुशी उन्हें parents के चेहरे पर दिखती है।

Accident से मिला पहला मौका, और आठ विकेट झटक दिए

Ruby Club में एक दिन senior left-arm spinner बीमार पड़ गया। Harsh को अचानक match खेलने का मौका मिला। उन्होंने उस match में आठ विकेट लिए और opener के तौर पर 60-plus runs भी बनाए।

यानी कहानी शुरू से ही सिर्फ गेंदबाजी की नहीं थी। Harsh batting के भी दीवाने थे। उनके पिता बताते हैं कि वह हर दस दिन में bat तोड़ देते थे, इतनी ज्यादा practice करते थे।

एक और घटना Harsh के character को दिखाती है। एक match में वह non-striker end पर बिना ball खेले run out हो गए। मैदान से लौटे तो चेहरा लाल था, आंखों में आंसू थे। यह frustration बताती थी कि बच्चे के भीतर खेल को लेकर कितनी आग थी।

SRH debut, Mitchell Marsh और Virat Kohli वाला सपना

IPL 2025 में Sunrisers Hyderabad ने Harsh Dubey को replacement के तौर पर बुलाया। Debut match में उन्होंने Mitchell Marsh को आउट किया। लेकिन असली कहानी अगली game से पहले की है।

RCB के खिलाफ match से पहले Harsh ने अपने पिता को phone किया और कहा- “Papa, मैं Virat का wicket लेने वाला हूं।”

यह सिर्फ excitement नहीं थी। उनकी मां के मुताबिक Harsh हर बड़े match से पहले mentally prepare करते हैं कि किस batter को आउट करना है।

और फिर वही हुआ। Virat Kohli cover में catch देकर 43 पर आउट हुए। Harsh ने fist pump किया। बाद में Kohli से cap पर autograph लिया और लिखा कि बचपन से जिन्हें देखते आए, उनका wicket लेना dream come true है।

यही Harsh की सबसे बड़ी quality है- सामने Kohli हो, Russell हो या कोई और बड़ा नाम, वह नाम से नहीं डरते। वह batter को batter की तरह देखते हैं।

Ranji Trophy में 69 विकेट, elite list में नाम

Harsh Dubey का सबसे बड़ा explosion Ranji Trophy में आया। इस season उन्होंने 10 matches में 69 wickets लिए। यह ऐसा आंकड़ा है, जिसने उन्हें Bishan Singh Bedi, Jaydev Unadkat और Dodda Ganesh जैसे elite names की list में खड़ा कर दिया।

First-class cricket में Harsh के numbers भी impressive हैं – 27 matches, 133 wickets, average 23
और साथ में 1026 runs, average 25

यानी वह सिर्फ left-arm spinner नहीं हैं, बल्कि lower-order में batting value देने वाले proper bowling all-rounder हैं।

Hyderabad match और bleeding finger वाली fight

Hyderabad के खिलाफ Ranji group game Harsh के season का turning point जैसा था। Vidarbha 70/7 पर थी। Harsh आए और team को 180 तक ले गए। दोनों innings में fifties लगाईं और पूरे match में आठ wickets भी लिए।

लेकिन असली character Ranji final में दिखा। Vidarbha की first-innings lead दांव पर थी। Harsh की finger cut थी, glove के अंदर से खून निकल रहा था। फिर भी उन्होंने आखिरी दस overs डाले। Vidarbha जीता। और Harsh ने साबित किया कि वह सिर्फ skill वाला player नहीं, बल्कि pressure और pain में टिकने वाला cricketer है।

Kumble और Moody ने क्यों कहा- Test bowler material

Harsh Dubey को लेकर experts भी impressed हैं। Anil Kumble ने उनकी bowling देखकर कहा कि वह ball को proper tweak देते हैं। इससे drift मिलता है और pitch से ball जल्दी निकलती है।

Tom Moody ने भी एक बड़ी बात कही – Harsh pace change करते हैं, लेकिन ball की shape नहीं खोते। कई spinners pressure में तेज गेंद डालते हैं और मार खा जाते हैं, लेकिन Harsh की delivery में dip और shape बनी रहती है।

Moody ने तो यह तक कहा कि वह Harsh को T20 bowler जितना ही Test bowler भी मानते हैं। Turning track पर ऐसे bowler को face करना आसान नहीं होगा।

Ashwin ने कहा- कुछ मत बदलो

R Ashwin ने भी Harsh को करीब से देखा। उन्होंने उन्हें off-season में Chennai की TNCA league खेलने के लिए बुलाया। जब Harsh पहुंचे, Ashwin ने बहुत simple advice दी —“Ball अच्छी निकल रही है, कुछ मत बदलो। कोई problem होगी तो बाद में देखेंगे। अभी बस flow में चलने दो।”

यह advice Harsh के लिए बड़ी थी, क्योंकि पिछले season वह desperate हो गए थे। जगह बचाने की चिंता, wickets लेने की जल्दी और over-trying ने उन्हें batting arc में गेंद डालने पर मजबूर किया था।

इस season उन्होंने खुद को simplify किया। सही areas में bowl किया, lower order में runs बनाए और चीजों को ज्यादा complicate नहीं किया।

Agarkar की नजर में perfect bowling all-rounder

Afghanistan series में Harsh Dubey को Test और ODI दोनों squads में जगह मिली है। Chief selector Ajit Agarkar ने उन्हें bowling all-rounder role के लिए perfect fit माना। उनके domestic performance और all-round value ने selectors को प्रभावित किया।

यह selection सिर्फ एक player को reward देने जैसा नहीं है। यह India के spin-bowling all-rounder pool में नए options तलाशने की कोशिश भी है। Jadeja और Axar जैसे established names के बीच अब selectors Harsh Dubey जैसे players को देखना चाहते हैं।

और अंत में

Harsh Dubey की कहानी में सब कुछ है- गलत मोड़, पिता का sacrifice, मां की मेहनत, बचपन का cricket madness, Virat Kohli का dream wicket, Ranji Trophy की आग, bleeding finger में bowling और अब Team India की call-up. यह कहानी बताती है कि कई बार destination map पर नहीं लिखा होता। कई बार वह एक गलती से शुरू होता है। नागपुर का वह गलत मोड़ आज Team India की जर्सी तक पहुंच गया है। अब Harsh Dubey के हाथ में गेंद है और मौका भी।

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