आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। मात्र 15 साल की उम्र में इतनी निडर बल्लेबाजी और बड़े गेंदबाजों के सामने उनका आत्मविश्वास न केवल फैंस, बल्कि दिग्गजों के भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। हालांकि, उनकी सफलता के साथ-साथ अब एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है।
वैभव का शानदार सफर: रिकॉर्ड्स की मशीन
बिहार के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम समय में खुद को साबित किया है। उनके हालिया आंकड़े किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा हैं:
T20 करियर: 28 मैचों में 1105 रन, 215 से अधिक की तूफानी स्ट्राइक रेट।
IPL 2026 का प्रदर्शन: अब तक 10 मैचों में 404 रन बना चुके हैं।
प्रमुख पारियां: चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 17 गेंदों में 52 रन और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में धमाकेदार शतक।
वैभव की निरंतरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे वर्तमान में आईपीएल ‘ऑरेंज कैप’ की रेस में टॉप-5 बल्लेबाजों में शामिल हैं।
क्या है ‘चाइल्ड लेबर’ का विवाद?
वैभव की सफलता के बीच एक कन्नड़ टीवी चैनल पर एक एक्टिविस्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। एक्टिविस्ट का दावा है कि 15 साल के किशोर का प्रोफेशनल क्रिकेट (IPL) खेलना ‘बाल श्रम’ (Child Labour) की श्रेणी में आता है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को चेतावनी देते हुए कहा, “इस लड़के को आईपीएल में खेलने मत दीजिए, इसे अभी पढ़ाई करनी चाहिए।” एक्टिविस्ट ने धमकी दी है कि अगर वह खेलना जारी रखते हैं, तो वे राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगे।
This activist appeared on a Kannada TV channel and said he plans to file a police case or legal complaint against Rajasthan Royals.
He said – Don’t let this 15-year-old boy “Vaibhav Suryavanshi ” play IPL cricket — it’s child labour, he should study! pic.twitter.com/zEwVJQseGR
— ExtraOrdinary (@Extreo_) May 2, 2026
क्या कहते हैं भारतीय कानून?
भारतीय कानून (Child Labour Prohibition & Regulation Act, 2016) के तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चों का काम करना प्रतिबंधित है। हालांकि, खेल को आमतौर पर ‘बाल श्रम’ के दायरे से अलग रखा जाता है, क्योंकि इसमें शारीरिक विकास और कौशल निर्माण शामिल होता है। फिर भी, वैभव की उम्र और उनके प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को लेकर कानूनी बहस छिड़ गई है।
