टेनिस कोर्ट पर कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता और यही इस खेल की खूबसूरती है। रूसी मूल की ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी अनास्तासिया पोटापोवा ने मैड्रिड ओपन के क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 कैरोलिना प्लिस्कोवा को हराकर इतिहास रच दिया है। पोटापोवा अब किसी भी WTA 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली इतिहास की पहली ‘लकी लूज़र’ (Lucky Loser) बन गई हैं।
हार के बाद मिली ‘ऐतिहासिक’ दूसरी जिंदगी
पोटापोवा पिछले हफ्ते मैड्रिड ओपन के क्वालिफाइंग राउंड में हार गई थीं और टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर थीं। लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया और एक अन्य खिलाड़ी के हटने के बाद उन्हें ‘लकी लूज़र’ के तौर पर मेन ड्रॉ में जगह मिली। इस मौके का उन्होंने ऐसा फायदा उठाया कि अब वह खिताब से महज दो कदम दूर हैं।
प्लिशकोवा के खिलाफ रोमांचक जीत
बुधवार को खेले गए मुकाबले में पोटापोवा ने प्लिशकोवा को 6-1, 6-7(4), 6-3 से मात दी। यह मैच किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं था:
पहला सेट: पोटापोवा ने 6-1 से एकतरफा जीत दर्ज की।
दूसरा सेट: पोटापोवा के पास तीन मैच पॉइंट थे, लेकिन वह अपनी नर्व्स पर काबू नहीं रख पाईं और प्लिशकोवा ने टाइब्रेकर जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया।
निर्णायक सेट: तीसरे सेट में पोटापोवा 1-3 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार 5 गेम जीते और अपने 10वें ऐस (Ace) के साथ मैच जीत लिया।
दिग्गजों को धूल चटाकर पहुंची सेमीफाइनल में
पोटापोवा का यह सफर कोई इत्तेफाक नहीं है। सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए उन्होंने:
पूर्व फ्रेंच ओपन चैंपियन येलेना ओस्टापेंको को हराया।
वर्ल्ड नंबर-2 एलेना रयबाकिना जैसी दिग्गज को बाहर का रास्ता दिखाया।
सेमीफाइनल में मार्ता कोस्तयुक से होगी भिड़ंत
सेमीफाइनल में पोटापोवा का सामना यूक्रेन की मार्ता कोस्तयुक से होगा। कोस्तयुक इस साल क्ले कोर्ट पर अब तक अपराजेय (Undefeated) रही हैं और उन्होंने क्वार्टर फाइनल में लिंडा नोस्कोवा को 7-6, 6-0 से हराया है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल इसी टूर्नामेंट के चौथे दौर में कोस्तयुक ने पोटापोवा को हराया था, ऐसे में यह मुकाबला पोटापोवा के लिए हिसाब बराबर करने का भी मौका होगा।
पोटापोवा : “अगर क्वालिफाइंग हारने के बाद कोई मुझे कहता कि मैं सेमीफाइनल खेलूंगी, तो मैं यकीन नहीं करती। मुझे दूसरा मौका दिया गया और मैं उसका भरपूर इस्तेमाल कर रही हूं। इस समय मेरी जिंदगी में इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।”
