शुभमन गिल की T20I टीम में वापसी का इंतजार और लंबा हो गया है। BCCI चयन समिति ने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सात T20I मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया, लेकिन गिल को इस स्क्वॉड में जगह नहीं मिली। यही नहीं, एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम से भी शुभमन गिल बाहर रहे।
टीम इंडिया की T20I कप्तानी अब सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी गई है। वहीं, बिहार के 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में जगह मिली है। वैभव को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के साथ बैकअप ओपनर के तौर पर देखा जा रहा है। इस चयन ने शुभमन गिल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ियों के लिए चुनौती और बढ़ा दी है।
शुभमन गिल ने IPL 2026 में गुजरात टाइटंस के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 732 रन बनाए, उनका औसत 45.75 रहा और स्ट्राइक रेट 163.03 का था। इतने मजबूत आंकड़ों के बावजूद गिल को T20I टीम में जगह नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है।
हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक BCCI और चयनकर्ता शुभमन गिल के वर्कलोड को लेकर बेहद सावधान हैं। गिल फिलहाल भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान हैं। आने वाले 18 महीनों में उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र के 9 टेस्ट और 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले करीब 35 वनडे खेलने हैं। यानी गिल को कुल मिलाकर लगभग 44 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
PTI के हवाले से आई रिपोर्ट में BCCI सूत्र ने कहा कि चयनकर्ता नहीं चाहते कि शुभमन गिल के साथ बर्नआउट जैसी स्थिति बने। गिल को टेस्ट और वनडे दोनों बड़े ICC असाइनमेंट के लिए पूरी तरह फिट रखना प्राथमिकता है। इसके अलावा वह IPL में गुजरात टाइटंस की कप्तानी भी करते हैं, इसलिए फिलहाल उनका फोकस लंबे फॉर्मेट और वनडे क्रिकेट पर रखा गया है।
इसका मतलब यह है कि शुभमन गिल की T20I वापसी कम से कम 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टल सकती है। अगर ऐसा होता है तो गिल को 2028 T20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक की रेस में बने रहने के लिए IPL और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में लगातार बड़ा प्रदर्शन करना होगा।
दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी T20I टीम में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश करेंगे। अगर ये खिलाड़ी लगातार प्रदर्शन करते हैं, तो गिल के लिए T20 टीम में वापसी आसान नहीं होगी।
BCCI का यह फैसला साफ संकेत देता है कि अब भारतीय क्रिकेट में “हॉर्सेज फॉर कोर्सेज” रणनीति को गंभीरता से अपनाया जा रहा है। शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे में भारत का बड़ा चेहरा माना जा रहा है, जबकि T20I में टीम मैनेजमेंट नए और आक्रामक विकल्पों को मौका देना चाहता है।
ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या शुभमन गिल की T20I वापसी सिर्फ delayed है, या फिर टीम इंडिया में उनके लिए यह दरवाजा धीरे-धीरे बंद होता जा रहा है?
