इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान Ben Stokes ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में ऐसी वापसी की, जिसने सिर्फ मैच का रुख नहीं बदला, बल्कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट के सबसे दुर्लभ ऑलराउंड क्लब में भी पहुंचा दिया। Trent Bridge में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में Stokes ने अपना 250वां टेस्ट विकेट पूरा किया और इसी के साथ वह टेस्ट इतिहास में 7000 से ज्यादा रन और 250 विकेट लेने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर Jacques Kallis ने हासिल की थी।
खबर लिखे जाने तक Stokes के नाम 7,228 टेस्ट रन और 250 विकेट दर्ज हो चुके थे। Kallis ने अपने महान करियर का अंत 13,289 टेस्ट रन और 292 विकेट के साथ किया था। यह आंकड़ा बताता है कि Stokes अब सिर्फ इंग्लैंड के आधुनिक महान खिलाड़ियों में नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के सबसे खास ऑलराउंडरों की ऐतिहासिक सूची में शामिल हो चुके हैं।
न्यूजीलैंड ने इस निर्णायक तीसरे टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और Devon Conway तथा Tom Latham ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली। दोनों ओपनरों ने 317 रन की विशाल साझेदारी की, जो इंग्लैंड में न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप रही। Conway ने 157 और Latham ने 151 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड ने पहली पारी में मजबूत शुरुआत की।
📈 Players with 7000 runs and 250 wickets in Test cricket:
🔘 Jacques Kallis
🔘 Ben StokesAn incredible spell this morning from Ben Stokes to make history at Trent Bridge ❤️ pic.twitter.com/KF7U8exGwj
— England Cricket (@englandcricket) June 26, 2026
इंग्लैंड लंबे समय तक विकेट के लिए तरसता रहा, लेकिन आखिरकार Stokes ने ही टीम को पहली बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने Tom Latham को आउट कर 317 रन की साझेदारी तोड़ी। Sky Sports के मुताबिक, Latham को Jamie Smith ने कैच किया और इंग्लैंड को दिन के अंत में कुछ राहत मिली।
Stokes की यह गेंदबाजी इसलिए भी खास रही क्योंकि वह मैदान पर सिर्फ कप्तान के रूप में नहीं, बल्कि एक बोझ उठाने वाले योद्धा की तरह दिखे। गर्म परिस्थितियों और लंबी साझेदारी के दबाव के बावजूद उन्होंने लगातार लंबे spells डाले। दूसरे दिन इंग्लैंड की वापसी में भी Stokes की भूमिका अहम रही और न्यूजीलैंड 317/0 से 393/6 तक लड़खड़ा गया। इसी दौरान Stokes ने अपना 250वां टेस्ट विकेट भी पूरा किया।
यह प्रदर्शन Stokes के लिए सिर्फ क्रिकेटिंग milestone नहीं था, बल्कि एक तरह की personal statement भी थी। इससे पहले वह न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नहीं खेले थे। Ben Stokes और Gus Atkinson को Lord’s टेस्ट के बाद Chelsea nightclub incident से जुड़े मामले में टीम से बाहर रखा गया था। ECB ने दोनों को contractual obligations के उल्लंघन पर formal written warning दी थी, हालांकि independent Cricket Regulator ने regulatory breach साबित करने के लिए पर्याप्त evidence नहीं पाया।
इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में 253 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी थी, जिसके बाद Stokes और Atkinson की वापसी तीसरे टेस्ट में हुई। ऐसे माहौल में Stokes पर सिर्फ टीम को संभालने का दबाव नहीं था, बल्कि खुद को साबित करने की चुनौती भी थी। उन्होंने जवाब बल्ले से नहीं, गेंद से दिया और ऐसा दिया कि रिकॉर्ड बुक में उनका नाम Kallis के बगल में दर्ज हो गया।
Stokes की खासियत यही रही है कि वह अपने करियर में कई बार मुश्किल परिस्थितियों से लौटे हैं। कभी Headingley 2019 जैसी अमर पारी, कभी World Cup final की यादगार भूमिका, और अब टेस्ट क्रिकेट में 7000 रन और 250 विकेट का दुर्लभ मुकाम। उनके आंकड़े सिर्फ numbers नहीं हैं; वे उस खिलाड़ी की कहानी हैं जो कई बार टूटती स्थिति में टीम के लिए दीवार बनकर खड़ा हुआ है।
Jacques Kallis के साथ किसी भी ऑलराउंड सूची में नाम आना अपने आप में बड़ी बात है। Kallis consistency, technique और balance के प्रतीक थे। Stokes का सफर अलग रहा है, अधिक विस्फोटक, अधिक भावनात्मक और कई बार अधिक नाटकीय। लेकिन इस milestone ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में Stokes का ऑलराउंड कद असाधारण है।
Trent Bridge टेस्ट अभी जारी है, लेकिन Stokes अपनी वापसी को पहले ही यादगार बना चुके हैं। न्यूजीलैंड की मजबूत शुरुआत के बावजूद उन्होंने इंग्लैंड को मुकाबले में वापस लाने की कोशिश की और साथ ही टेस्ट क्रिकेट के सबसे exclusive all-rounders club में प्रवेश कर लिया।
अब सवाल यह नहीं है कि Ben Stokes महान ऑलराउंडर हैं या नहीं। सवाल यह है कि जब उनका करियर खत्म होगा, तो उन्हें इंग्लैंड के इतिहास में किस स्थान पर रखा जाएगा।
