Morne Morkel on Rohit Sharma: भारतीय गेंदबाजी कोच ने इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को रोहित की धीमी शुरुआत का कारण बताया। साथ ही लॉर्ड्स वनडे से पहले बल्लेबाजों को परिस्थितियां समझने और गेंदबाजों को मध्य ओवरों में विकेट निकालने की सलाह दी।
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से पहले टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। शुरुआती दो मुकाबलों में रोहित के बल्ले से बड़ी पारी नहीं आने के बाद उनकी फॉर्म और वनडे भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन मोर्केल ने स्पष्ट कहा कि भारतीय टीम को अनुभवी सलामी बल्लेबाज की बल्लेबाजी को लेकर कोई चिंता नहीं है।
रोहित ने सीरीज के पहले मुकाबले में 21 गेंदों पर 11 रन बनाए थे, जबकि दूसरे वनडे में वह 47 गेंदों पर 26 रन बनाकर आउट हुए। दोनों पारियों में वह अपनी स्वाभाविक आक्रामक लय हासिल नहीं कर पाए। इसके बाद 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
हालांकि, मोर्केल का मानना है कि इंग्लैंड में नई गेंद के खिलाफ बल्लेबाजी करना आसान नहीं रहा है और पूरी सीरीज के दौरान सलामी बल्लेबाजों को गेंद की हरकत का सामना करना पड़ा है।
मोर्केल ने कहा, “नई गेंद के खिलाफ शुरुआत में बल्लेबाजी करना काफी कठिन है। हमने पूरी सीरीज में देखा है कि गेंद लगातार मूव कर रही है। ऐसे में शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। मुझे पूरा विश्वास है कि रोहित इसका समाधान निकाल लेंगे।”
रोहित के अनुभव और संयम को बताया महत्वपूर्ण
मोर्केल ने रोहित के अनुभव को भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार पूर्व कप्तान की मौजूदगी टीम में स्थिरता और शांति लेकर आती है।
उन्होंने कहा, “रोहित पहले भी ऐसी परिस्थितियों से बाहर निकल चुके हैं। उनके पास बहुत अनुभव है और वह बल्लेबाजी क्रम में एक अलग तरह का संयम लेकर आते हैं। वह जिस तरह अपनी बल्लेबाजी को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उससे हमें कोई चिंता नहीं है।”
रोहित के भविष्य को लेकर अटकलें इसलिए भी बढ़ी हैं क्योंकि अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल वनडे प्रारूप में खेल रहे हैं। उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था और मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था।
लॉर्ड्स में बल्लेबाजों को अतिरिक्त समय लेने की सलाह
रोहित का समर्थन करने के साथ मोर्केल ने यह भी माना कि दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजी अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था, लेकिन मध्यक्रम उस शुरुआत का फायदा नहीं उठा सका और भारतीय पारी 233 रन पर सिमट गई।
गेंदबाजी कोच ने भारतीय बल्लेबाजों से लॉर्ड्स की परिस्थितियों का सम्मान करने और आक्रामक शॉट खेलने से पहले स्वयं को कुछ अतिरिक्त गेंदें देने को कहा है।
मोर्केल ने कहा, “बल्लेबाजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात परिस्थितियों को जल्दी समझना है। हाल के मुकाबलों में हमने देखा है कि लॉर्ड्स की सतह मुश्किल हो सकती है। बल्लेबाजों को पिच की गति समझने के लिए अतिरिक्त पांच से दस गेंदें लेनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि भारत के शीर्ष और मध्यक्रम में पर्याप्त अनुभव है। बल्लेबाज जानते हैं कि साझेदारी कैसे बनानी है, लेकिन निर्णायक मुकाबले में उन्हें अच्छी शुरुआत को बड़ी साझेदारी में बदलना होगा।
🚨 MORNE MORKEL ON HELPING ROHIT SHARMA AHEAD OF THE 2027 WORLD CUP 🇮🇳
Q: Since Rohit doesn’t have a great ODI record in South Africa, will your experience help?
🗣️ Morne Morkel: “I’ve played nearly 20 years of cricket in South Africa, so I understand the conditions well. I’ll…
— Kanaiya ⚡☢️ (@PaceandPlans) July 18, 2026
मध्य ओवरों में विकेट नहीं मिलना बड़ी चिंता
मोर्केल ने भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रयास की प्रशंसा की, लेकिन स्वीकार किया कि मध्य ओवरों में साझेदारी तोड़ना टीम की बड़ी चुनौती बनी हुई है।
दूसरे वनडे में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में कुछ मौके बनाए थे, लेकिन जो रूट ने एक छोर संभालते हुए नाबाद 99 रन की पारी खेली और इंग्लैंड को चार विकेट से जीत दिलाई। भारतीय गेंदबाज रूट और अन्य बल्लेबाजों के बीच बनी साझेदारियों को सही समय पर नहीं तोड़ सके।
मोर्केल ने कहा, “मध्य ओवरों में विकेट निकालना बेहद महत्वपूर्ण है। हम लगातार उन तरीकों पर काम कर रहे हैं, जिनसे इस चरण में साझेदारियों को तोड़ा जा सके।”
उन्होंने प्रसिध कृष्णा और गुरनूर बरार की गेंदबाजी का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ने अतिरिक्त उछाल का अच्छा इस्तेमाल किया और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया।
हालांकि, मोर्केल निर्णायक मैच से पहले गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा तकनीकी निर्देश देने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को स्पष्ट योजना और मानसिक स्वतंत्रता देना अधिक आवश्यक है।
लॉर्ड्स में तय होगा सीरीज का विजेता
तीन मैचों की वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। भारत ने पहला मुकाबला जीता था, जबकि इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में चार विकेट से जीत दर्ज कर वापसी की।
अब लॉर्ड्स में होने वाला अंतिम मुकाबला सीरीज का विजेता तय करेगा। भारत को जीत के लिए रोहित शर्मा से मजबूत शुरुआत, मध्यक्रम से बड़ी साझेदारी और गेंदबाजों से मध्य ओवरों में नियमित विकेटों की आवश्यकता होगी।
मोर्ने मोर्केल के बयान ने फिलहाल रोहित की फॉर्म को लेकर चल रही बहस के बीच टीम प्रबंधन का रुख स्पष्ट कर दिया है। अब देखना होगा कि अनुभवी सलामी बल्लेबाज लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर अपने कोच के भरोसे को बड़ी पारी में बदल पाते हैं या नहीं।
