IPL 2026: टॉप-4 का दबदबा या लीग का ‘तमाशा’? फीका पड़ सकता है प्लेऑफ का रोमांच!

IPL 2026 का लीग स्टेज अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां पॉइंट्स टेबल ने बाकी टीमों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को अहमदाबाद में खेले गए सीजन के 42वें मैच में गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को हराया। GT की इस जीत ने उन्हें टॉप ग्रुप के करीब जरूर ला दिया, लेकिन इस सीजन की सबसे बड़ी कहानी अब भी वही है- शीर्ष चार टीमों का बाकी लीग पर असामान्य दबदबा।

41 मैचों के बाद ही टॉप-4 टीमें 12 या उससे ज्यादा अंक हासिल कर चुकी थीं, जबकि बाकी टीमें 8 या उससे कम अंकों पर अटकी हुई थीं। गुजरात की जीत के बाद यह अंतर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन IPL 2026 अब भी हाल के वर्षों के सबसे लोपसाइडेड यानी एकतरफा सीजन में से एक नजर आ रहा है।

2013 के बाद सबसे जल्दी टॉप-4 ने बनाई बढ़त

IPL इतिहास में जब भी टूर्नामेंट में 9 या उससे ज्यादा टीमें रही हैं, 41 मैचों के बाद चार टीमों का 12 या उससे ज्यादा अंक तक पहुंचना बेहद दुर्लभ रहा है। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2013 में हुआ था, जब चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस 12 या उससे ज्यादा अंकों पर थीं।

हालांकि 2013 में लीग 9 टीमों की थी और 41 मैचों के बाद सभी टीमों ने कम से कम 9 मैच खेल लिए थे। इस बार तस्वीर अलग है। IPL 2026 में 41 मैचों के बाद ज्यादातर टीमों ने सिर्फ 8 मैच खेले थे, फिर भी टॉप-4 टीमों ने बाकी टीमों से बड़ा अंतर बना लिया। यही बात इस सीजन को और भी असामान्य बनाती है।

10 टीमों वाले IPL में ऐसा दबदबा पहले नहीं दिखा

10 टीमों वाले IPL में इससे पहले सबसे जल्दी चार टीमों के 12 या उससे ज्यादा अंक तक पहुंचने का मामला 2025 में आया था। तब 45 मैचों के बाद RCB, GT, MI और DC 12 अंकों पर पहुंची थीं। लेकिन उस समय पंजाब किंग्स 11 और लखनऊ सुपर जायंट्स 10 अंकों के साथ बेहद करीब थीं।

यानी 2025 में लड़ाई खुली हुई थी। कई टीमें प्लेऑफ रेस में बराबरी से बनी हुई थीं। लेकिन IPL 2026 में हालात अलग हैं। यहां टॉप-4 ने बाकी टीमों से बहुत जल्दी दूरी बना ली है।

2022 में चार टीमों को 12+ अंक तक पहुंचने में 49 मैच लगे थे, जबकि 2023 में तो यह आंकड़ा 56 मैचों के बाद आया था। ऐसे में 2026 का सीजन साफ तौर पर टॉप टीमों के दबदबे वाला सीजन बनता दिख रहा है।

गुजरात की जीत क्यों लीग के लिए अच्छी खबर है?

गुजरात टाइटंस की RCB पर जीत सिर्फ उनकी अपनी प्लेऑफ उम्मीदों के लिए अहम नहीं थी, बल्कि पूरे टूर्नामेंट के रोमांच के लिए भी जरूरी थी। अगर टॉप-4 टीमें लगातार जीतती रहतीं, तो लीग स्टेज के आखिरी दो हफ्ते फीके पड़ सकते थे।

GT की जीत ने कम से कम यह संकेत दिया है कि पीछा कर रही टीमें अभी पूरी तरह बाहर नहीं हुई हैं। गुजरात अब उस ग्रुप से सिर्फ दो अंक दूर है, जहां से प्लेऑफ की असली रेस शुरू होती है।

अब अगर दिल्ली कैपिटल्स राजस्थान रॉयल्स को हराती है, कोलकाता नाइट राइडर्स सनराइजर्स हैदराबाद को मात देती है और गुजरात अपने अगले घरेलू मुकाबले में पंजाब किंग्स को हरा देती है, तो पॉइंट्स टेबल में फिर से हलचल पैदा हो सकती है।

निचले हिस्से की टीमों को करने होंगे उलटफेर

IPL का असली मजा तभी आता है जब आखिरी हफ्तों तक कई टीमें प्लेऑफ की रेस में बनी रहें। लेकिन इस समय स्थिति ऐसी है कि अगर नीचे की टीमें टॉप-4 के खिलाफ जीत दर्ज नहीं करतीं, तो प्लेऑफ की तस्वीर बहुत जल्दी साफ हो सकती है।

ऐसे में अब लीग के आखिरी हिस्से का रोमांच इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या नीचे और मिड-टेबल की टीमें बड़े उलटफेर कर पाती हैं या नहीं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आखिरी कुछ मैचों में केवल टॉप-2 की लड़ाई ही मुख्य आकर्षण रह जाएगी।

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