आईपीएल 2026 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। अंक तालिका में नौवें स्थान पर काबिज मुंबई इंडियंस का प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है। टीम के इस खराब प्रदर्शन के बाद से ही कप्तान हार्दिक पांड्या की नेतृत्व क्षमता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। फैंस और क्रिकेट पंडितों के बीच चर्चा का दौर जारी है कि क्या हार्दिक को कप्तानी से हटाया जाएगा?
मैनेजमेंट का हार्दिक पांड्या पर भरोसा बरकरार
इन अटकलों के बीच ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि मुंबई इंडियंस का मैनेजमेंट फिलहाल हार्दिक पांड्या के साथ खड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, खराब प्रदर्शन के बावजूद फ्रेंचाइजी हार्दिक की कप्तानी पर पूरा भरोसा जता रही है और उन्हें हटाने का कोई विचार नहीं है। मैनेजमेंट का मानना है कि टीम की विफलता का ठीकरा केवल कप्तान पर फोड़ना गलत होगा। बल्कि, टीम मैनेजमेंट का स्पष्ट मानना है कि मुंबई इंडियंस इस सीजन में क्रिकेट के बदलते स्वरूप और नई आक्रामक शैली के साथ तालमेल बिठाने में पिछड़ गई है, जो इस टूर्नामेंट की मांग है।
क्यों नाकाम रही मुंबई इंडियंस?
मुंबई इंडियंस की इस विफलता के पीछे केवल हार्दिक पांड्या नहीं, बल्कि टीम के मुख्य खिलाड़ियों का फॉर्म में न होना भी एक बड़ा कारण है। इस सीजन में टीम के ‘स्टार’ माने जाने वाले खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है:
जसप्रीत बुमराह: टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज जसप्रीत बुमराह 10 मैचों में केवल 3 विकेट ही चटका पाए हैं।
सूर्यकुमार यादव: मिस्टर 360 कहे जाने वाले सूर्या का बल्ला इस सीजन खामोश रहा है, उन्होंने 10 मैचों में 20 से भी कम की औसत से रन बनाए हैं।
तिलक वर्मा: गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतक लगाने के बावजूद तिलक वर्मा पूरे सीजन संघर्ष करते दिखे, उनका औसत 22.67 का ही रहा है।
आंकड़ों में हार्दिक की कप्तानी
हार्दिक पांड्या का मुंबई इंडियंस के कप्तान के रूप में अब तक का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। उन्होंने अब तक कुल 37 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें से टीम को सिर्फ 15 मैचों में जीत मिली है, जबकि 22 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। पिछले सीजन में टीम क्वालीफायर-2 तक पहुंची थी, लेकिन इस बार टीम का प्रदर्शन अपने सबसे निचले स्तर पर है।
मैनेजमेंट का मानना है कि मुंबई इंडियंस की असफलता का कारण हार्दिक की कप्तानी नहीं, बल्कि टीम के कोर ग्रुप की सामूहिक विफलता है। इसलिए, हार्दिक पांड्या को कप्तानी में सुधार करने और टीम को फिर से खड़ा करने के लिए एक ‘लंबा मौका’ दिया जा सकता है। देखना यह होगा कि क्या बचे हुए मैचों में मुंबई इंडियंस के ये दिग्गज खिलाड़ी अपने सम्मान के लिए वापसी कर पाते हैं या नहीं।
