Commonwealth Games 2026: भारत के सबसे मजबूत खेल ही बाहर, जानिए क्यों घटाकर केवल 10 किए गए इवेंट

Commonwealth Games 2026

ग्लासगो में गुरुवार से शुरू हो रहे Commonwealth Games 2026 में भारत के कई बड़े खिलाड़ी दिखाई नहीं देंगे। इसकी वजह खिलाड़ियों का चोटिल होना या टूर्नामेंट से हटना नहीं, बल्कि badminton, wrestling, hockey, cricket और table tennis जैसे खेलों का Games के कार्यक्रम से बाहर होना है।

Commonwealth Games 2026 की शुरुआत Scotland के Glasgow में गुरुवार को होगी। Opening Ceremony भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे OVO Hydro में आयोजित की जाएगी। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों का अभियान उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो जाएगा, क्योंकि पहले दिन lawn bowls के preliminary मुकाबले खेले जाएंगे।

इस बार Games देखने वाले भारतीय प्रशंसकों को कई बड़े नामों की कमी महसूस होगी। भारत के प्रमुख badminton खिलाड़ी, पहलवान, hockey सितारे और महिला क्रिकेट टीम इस आयोजन का हिस्सा नहीं होंगे, क्योंकि इन खेलों को ही Glasgow Commonwealth Games के कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है।

19 से घटाकर केवल 10 खेल किए गए

Birmingham में आयोजित 2022 Commonwealth Games में कुल 19 खेल शामिल थे। Glasgow 2026 में यह संख्या घटाकर केवल 10 कर दी गई है।

सबसे बड़ी चिंता भारत के लिए यह है कि हटाए गए अधिकांश खेल वही हैं, जिनमें भारतीय खिलाड़ी नियमित रूप से पदक जीतते रहे हैं। इनमें wrestling, badminton, table tennis, hockey, cricket और squash जैसे खेल शामिल हैं।

भारत ने Birmingham Commonwealth Games 2022 में कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था। इनमें से 30 पदक उन छह खेलों से आए थे, जिन्हें Glasgow Games से बाहर कर दिया गया है।

इन खेलों में भारत का प्रदर्शन इस प्रकार रहा था:

Wrestling: 12 पदक
Table Tennis: 7 पदक
Badminton: 6 पदक
Hockey: 2 पदक
Squash: 2 पदक
Cricket: 1 पदक

यानी पिछली बार भारत के लगभग आधे पदक अब कार्यक्रम से बाहर किए जा चुके खेलों से आए थे। ऐसे में Glasgow 2026 में भारतीय दल के लिए 2022 जैसा प्रदर्शन दोहराना बेहद कठिन होगा।

इतने सारे खेल क्यों हटाए गए?

Commonwealth Games 2026 से खेलों को हटाने का प्रमुख कारण आयोजन से जुड़ी आर्थिक और प्रशासनिक समस्याएं हैं।

इस संकट की शुरुआत तब हुई, जब South Africa के Durban से 2022 Commonwealth Games की मेजबानी वापस ले ली गई। इसके बाद Birmingham, जिसने मूल रूप से 2026 Games के लिए बोली लगाई थी, को 2022 संस्करण की मेजबानी करनी पड़ी।

2026 Commonwealth Games की मेजबानी बाद में Australia के Victoria राज्य को दी गई। 12 अप्रैल 2022 को Victoria की मेजबानी की आधिकारिक घोषणा हुई थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बाद वहां की सरकार ने बढ़ती आयोजन लागत का हवाला देते हुए Games की मेजबानी से हटने का फैसला कर लिया।

इसके बाद Commonwealth Games Federation को नए मेजबान की तलाश करनी पड़ी। Glasgow को आधिकारिक रूप से 17 सितंबर 2024 को मेजबान घोषित किया गया।

कम समय और सीमित बजट ने बदला पूरा कार्यक्रम

Glasgow के पास पूर्ण स्तर के Commonwealth Games की तैयारी के लिए लगभग तीन वर्ष का समय था। सीमित समय और बजट को देखते हुए आयोजकों ने बड़े और महंगे आयोजन के बजाय एक छोटे तथा मौजूदा सुविधाओं पर आधारित संस्करण आयोजित करने का निर्णय लिया।

इसी कारण Birmingham 2022 की तुलना में खेलों की संख्या लगभग आधी कर दी गई। आयोजकों ने मुख्य रूप से उन्हीं खेलों को प्राथमिकता दी, जिन्हें Glasgow के मौजूदा venues और infrastructure में कम अतिरिक्त खर्च के साथ आयोजित किया जा सकता था।

यही वजह है कि भारत के लिए पदक दिलाने वाले कई पारंपरिक खेल कार्यक्रम से बाहर हो गए।

Shooting और archery को भी Glasgow Games में जगह नहीं मिली है। इन दोनों खेलों में भी भारत का Commonwealth Games के इतिहास में मजबूत प्रदर्शन रहा है।

Glasgow 2026 में कौन-कौन से खेल होंगे?

Glasgow Commonwealth Games 2026 में कुल 10 खेल शामिल किए गए हैं:

Athletics
Swimming
Track Cycling
Weightlifting
3×3 Basketball
Lawn Bowls
Netball
Artistic Gymnastics
Judo
Boxing

इनमें athletics, swimming, track cycling, weightlifting, lawn bowls और basketball के para events भी साथ आयोजित किए जाएंगे।

भारत के पदकों पर पड़ सकता है बड़ा असर

Wrestling, badminton, table tennis और shooting जैसे खेल भारत के लिए Commonwealth Games में सबसे भरोसेमंद पदक स्रोत रहे हैं। इन खेलों की अनुपस्थिति में अब भारतीय दल को boxing, weightlifting, athletics, judo और lawn bowls में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

भारत ने Birmingham 2022 में 61 पदक जीते थे, लेकिन उनमें से 30 पदक ऐसे खेलों से आए थे जो इस बार कार्यक्रम में ही नहीं हैं। इसलिए Glasgow 2026 में भारत की अंतिम medal tally पिछली बार की तुलना में काफी कम रह सकती है।

Commonwealth Games 2026 भारतीय खेलों के लिए केवल पदक जीतने की चुनौती नहीं होगा। यह इस बात की भी परीक्षा होगी कि अपने सबसे मजबूत खेलों के बिना भारतीय खिलाड़ी नए अवसरों का कितना लाभ उठा पाते हैं।

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