भारतीय महिला क्रिकेट में एक युग का अंत हो गया है। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद Harmanpreet Kaur ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। हालांकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलती रहेंगी और तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए उपलब्ध रहेंगी।
हरमनप्रीत का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक दिन पहले ही गुवाहाटी में BCCI ने भारतीय महिला टीम की Review Meeting की थी। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की थी और इसमें हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार मौजूद थे।
Review Meeting के अगले ही दिन हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर एक लंबा और भावुक संदेश लिखकर अपनी कप्तानी के सफर को विराम देने की घोषणा कर दी। वनडे विश्व कप जीतने या टी20 विश्व कप में शर्मनाक सफर के बाद ही उन्हें कप्तानी छोड़ देनी चाहिए थी, लेकिन बेवजह वो आगे कप्तानी करती रहीं। लेकिन देर आए दुरुस्त आए।
‘यह आसान फैसला नहीं था’
हरमनप्रीत ने अपने बयान में लिखा कि वह भारतीय महिला टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, “यह आसान फैसला नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।”
हरमनप्रीत ने यह भी साफ किया कि वह कप्तानी छोड़ते समय संतुष्ट हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि भारतीय टीम इस समय अच्छी स्थिति में है।
उन्होंने लिखा, “मैं आज कप्तानी भावनाओं से भरे दिल के साथ छोड़ रही हूं, लेकिन मन में शांति भी है। मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम अच्छी स्थिति में है।”
इसके बाद उनकी एक छोटी-सी लाइन शायद पूरे फैसले का सार है, “मुझे लगता है कि मैंने अपना फर्ज निभा दिया है।”
World Cup जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान
हरमनप्रीत ने 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद भारतीय महिला टीम की पूर्णकालिक कप्तानी संभाली थी। इससे पहले भी वह समय-समय पर भारत का नेतृत्व कर चुकी थीं। उनकी कप्तानी का सबसे बड़ा अध्याय भारत का Women’s ODI World Cup खिताब रहा। वह महिला वनडे विश्व कप जीतने वाली भारत की पहली कप्तान बनीं। इसी कारण भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उनका नाम कपिल देव और एमएस धोनी जैसे पुरुष वनडे विश्व कप विजेता कप्तानों के साथ जुड़ गया।
हाल के महीनों में भी उनकी टीम ने दो बड़ी सफलताएं हासिल कीं। T20 World Cup में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारत ने पहले UAE में Women’s Asia Cup जीता और फिर जापान में Asian Games 2026 का Gold Medal अपने नाम किया। यानी हरमनप्रीत कप्तानी उस समय छोड़ रही हैं जब उनके हाथ में हालिया सफलताओं की यादें भी हैं।
Review Meeting और फिर इस्तीफा
हरमनप्रीत के फैसले की timing ने स्वाभाविक रूप से ध्यान खींचा है। सोमवार को हुई BCCI Review Meeting में टीम के हालिया प्रदर्शन और आगे की दिशा पर चर्चा हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि बैठक के बाद शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े तत्काल बदलाव के संकेत नहीं मिले थे और उस समय हरमनप्रीत के कप्तान बने रहने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन मंगलवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई और हरमनप्रीत ने खुद कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी।
हालांकि ये भी एक सवाल रहेगा कि क्या BCCI ने उन्हें कप्तानी छोड़ने के लिए कहा था। हालांकि हरमनप्रीत ने अपने सार्वजनिक बयान में ऐसा कोई दावा नहीं किया है।
कप्तानी गई, लेकिन Harmanpreet का करियर जारी
हरमनप्रीत ने इसके साथ अपने भविष्य को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात भी स्पष्ट कर दी है। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह भारत के लिए सभी फॉर्मेट में उपलब्ध रहेंगी और अब फिर केवल खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरने को तैयार हैं।
अपने संदेश के अंत में हरमनप्रीत ने teammates, coaches, support staff, management, BCCI, परिवार और प्रशंसकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने सफर को समेटते हुए लिखा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए अपना सब कुछ दिया।
और आखिर में उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था,
“Captaincy ends. The journey continues.”
यानी कप्तान हरमनप्रीत का अध्याय समाप्त हुआ है, क्रिकेटर हरमनप्रीत का नहीं। अब सबसे बड़ा सवाल उनके उत्तराधिकारी का है। उपकप्तान स्मृति मंधाना स्वाभाविक रूप से चर्चा में रहेंगी, लेकिन BCCI ने खबर लिखे जाने तक नई कप्तान की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल किसी नाम को अगली कप्तान मानना जल्दबाजी होगी।
