Asian Games के लिए नौकरी छोड़ दी, अब पहले ही दिन 6 जीत; Lee Jun-suk की अनोखी कहानी

Lee Jun-suk

Asian Games में medal जीतने के लिए खिलाड़ी क्या-क्या दांव पर लगाते हैं? South Korea के Lee Jun-suk की कहानी इसका एक दिलचस्प उदाहरण है।

27 साल के Lee Asian Games से पहले LG Electronics में contract employee के तौर पर काम कर रहे थे। उनके सामने permanent employee बनने की संभावना भी थी। लेकिन इसी साल February में जब उन्हें पता चला कि Teqball को Aichi-Nagoya Asian Games में शामिल किया गया है, उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। नौकरी छोड़ दी और पूरा ध्यान Teqball पर लगा दिया। अब Asian Games में उनका पहला दिन आया तो उस फैसले की कहानी और दिलचस्प हो गई।

6 मैच, 6 जीत और एक भी Set नहीं गंवाया

17 September को Nagoya City Higashi Sports Center में Teqball ने Asian Games debut किया और Lee Jun-suk ने पहले Group B में अपने सभी पांच मुकाबले जीते।

उन्होंने Laos के Alisa Phomsouliya को 2-0 (12-1, 12-0), Philippines के Prince Agustin को 2-0 (12-5, 12-6), Indonesia के Yoga Ardika Putra को 2-0 (12-1, 12-3), Vietnam के Ba Truong Giang को 2-0 (12-8, 12-4) और host Japan के Akinori Wase को 2-0 (12-5, 12-9) से हराया।

इसके बाद Quarterfinal में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा। Lee ने Kyrgyzstan के Kudaiberdi Aidarbekov को 2-0 (12-2, 12-1) से हराकर Semifinal में जगह बना ली।

अब Men’s Singles Semifinal 19 September को होगा, जबकि bronze और gold medal matches 20 September को खेले जाएंगे। Semifinal जीतते ही Lee South Korea के लिए Asian Games Teqball का पहला medal सुनिश्चित कर देंगे।

Football से Teqball तक

Lee की sporting journey भी सामान्य नहीं रही है। वह पहले football खेलते थे और South Korea की fourth division तक पहुंचे थे। बाद में उनका रास्ता Teqball की तरफ मुड़ा। South Korea ने international Teqball में 2019 से हिस्सा लेना शुरू किया।

Teqball football और table tennis जैसे elements को मिलाकर खेला जाने वाला sport है। Curved table पर football से खेलते हुए खिलाड़ी हाथ और बांह का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस बार यह पहली बार Asian Games का हिस्सा बना है।

सिर्फ Lee ने ही career दांव पर नहीं लगाया

South Korean Teqball team की कहानी में एक और दिलचस्प पहलू है। Lee के doubles partner Lee Tae-been ने jewelry designer के तौर पर अपना career रोक दिया, जबकि teammate Kim Eun-jun pharmaceutical company में काम कर रहे थे। Asian Games की तैयारी के लिए खिलाड़ियों ने अपनी jobs/careers से दूरी बनाई।

South Korean coach Lee Yong-seop ने Games से पहले बताया था कि खिलाड़ियों के सामने यह सवाल भी रहा है कि Asian Games खत्म होने के बाद वे क्या करेंगे, क्योंकि college student Jang Eun-seo को छोड़कर बाकी players के पास फिलहाल नौकरी नहीं है।

यही वजह है कि Lee Jun-suk की कहानी सिर्फ पांच जीत की नहीं है। उन्होंने Asian Games में खेलने के एक मौके के लिए एक अपेक्षाकृत सुरक्षित career छोड़कर नए sport पर दांव लगाया। और कम से कम Asian Games के पहले दिन उस दांव की शुरुआत शानदार रही।

अब अगली चुनौती knockout stage है और असली कहानी इस बात से तय होगी कि Lee अपने इस सफर को medal तक पहुंचा पाते हैं या नहीं।

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