IND vs IRE 1st T20I: श्रेयस युग की शुरुआत, वैभव सूर्यवंशी पर नजरें; आयरलैंड के सामने विश्व चैंपियन भारत की चुनौती

IND vs IRE 1st T20I:

IND vs IRE 1st T20I: क्रिकेट के इस भागते हुए कैलेंडर में अब कोई साफ-साफ “नया चक्र” नहीं दिखता। हर टीम अपने हिसाब से रीसेट बटन दबाती है। भारत की T20I टीम भी शुक्रवार, 26 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ कुछ वैसा ही करने उतरेगी। यह भारत का T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहला T20I मैच होगा, और इसी के साथ श्रीयस अय्यर की कप्तानी में एक नए दौर की शुरुआत भी होगी।

भारत पिछले दो T20 वर्ल्ड कप में सिर्फ एक मैच हारा है, यानी टीम पहले से ही बेहद सफल ढांचे पर खड़ी है। लेकिन भारतीय क्रिकेट की खासियत यही है कि सफलता के बीच भी बदलाव का रास्ता खुला रहता है। इसी बदलाव की सबसे बड़ी कहानी हैं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें दुनिया के सबसे रोमांचक युवा क्रिकेटरों में गिना जा रहा है।

वैभव का नाम टीम में आते ही चर्चा सिर्फ डेब्यू की नहीं रह गई है, बल्कि टीम कॉम्बिनेशन की भी हो गई है। भारत के पास टॉप ऑर्डर में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और खुद वैभव जैसे विकल्प हैं। समस्या यह है कि ये सभी खिलाड़ी टॉप-3 में खेलने के दावेदार हैं। ऐसे में श्रेयस अय्यर के लिए कप्तानी की पहली बड़ी परीक्षा यही होगी कि वह मौजूदा सफल खिलाड़ियों के साथ जाते हैं या वैभव जैसे असाधारण टैलेंट को तुरंत मौका देते हैं।

भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी साफ संकेत दिया है कि सिर्फ नए खिलाड़ी को मौका देने के लिए प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक टीम में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा अच्छी बात है, लेकिन हर खिलाड़ी को अपने सही समय का इंतजार भी करना पड़ता है। यही बयान वैभव के डेब्यू को और दिलचस्प बना देता है।

आयरलैंड के लिए यह सीरीज आसान नहीं है। टीम अपने नियमित कप्तान पॉल स्टर्लिंग के बिना मैदान पर उतरेगी। स्टर्लिंग ने T20I कप्तानी छोड़ दी है और चोट के कारण इस सीरीज में उपलब्ध भी नहीं हैं। उनकी जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज लॉरकन टकर अब टीम की कमान संभालेंगे। टकर ने T20 वर्ल्ड कप में ओमान के खिलाफ नाबाद 94 रन की शानदार पारी खेली थी और अब उनके सामने भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ नेतृत्व की बड़ी चुनौती होगी।

आयरलैंड की मुश्किल सिर्फ कप्तानी परिवर्तन तक सीमित नहीं है। टीम के कई तेज गेंदबाज चोट के कारण बाहर हैं, जिससे गेंदबाजी संयोजन कमजोर दिखता है। हालांकि घरेलू परिस्थितियां आयरलैंड के लिए सहारा बन सकती हैं। बेलफास्ट की पिच IPL जैसी बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं मानी जा रही। लॉरकन टकर के अनुसार पिच धीमी रह सकती है और मैदान भी बड़ा है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाना होगा।

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मौसम भी इस मैच की कहानी में भूमिका निभा सकता है। बेलफास्ट में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। यदि बारिश ने मैच को छोटा किया, तो आयरलैंड के लिए मौका बन सकता है, क्योंकि T20 में कम ओवरों का खेल कई बार बड़े अंतर को भी छोटा कर देता है।

भारत के लिए यह सिर्फ एक द्विपक्षीय सीरीज नहीं है। यह उस टीम की परीक्षा है जिसने वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी अपने ढांचे में बदलाव की हिम्मत दिखाई है। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में गेंदबाजी संयोजन भी नए चेहरों और विकल्पों के भरोसे होगा। अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा और प्रिंस यादव जैसे नामों में से सही संयोजन चुनना भी कप्तान अय्यर के लिए अहम होगा।

संभावित भारतीय XI में संजू सैमसन विकेटकीपर के रूप में ओपन कर सकते हैं, जबकि उनके साथ अभिषेक शर्मा या वैभव सूर्यवंशी में से किसी एक को मौका मिल सकता है। ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल बल्लेबाजी को गहराई देंगे। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा के साथ स्पिन विकल्प के रूप में रवि बिश्नोई मजबूत दावेदार हैं।

आयरलैंड की ओर से टिम टेक्टर, रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लॉरकन टकर, गैरेथ डेलानी और जॉर्ज डॉकरेल जैसे खिलाड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। टीम युवा तेज गेंदबाज रूबेन विल्सन और राजस्थान में जन्मे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जय मूंद्रा को डेब्यू का मौका दे सकती है।

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आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा आयरलैंड स्क्वॉड का कोई भी खिलाड़ी भारत के खिलाफ T20I में विकेट नहीं ले पाया है। दूसरी ओर भारत ने अपने पिछले तीन T20I मैचों में पहले बल्लेबाजी करते हुए 256, 253 और 255 जैसे बड़े स्कोर बनाए हैं। यानी आयरलैंड के सामने चुनौती सिर्फ भारत को रोकने की नहीं, बल्कि शुरुआत से ही दबाव झेलने की भी होगी।

फिर भी T20 क्रिकेट की खूबसूरती यही है कि एक ओवर, एक कैच, एक बारिश या एक साहसी पारी पूरी कहानी बदल सकती है। भारत कागज पर मजबूत है, लेकिन बेलफास्ट की धीमी पिच, बादलों वाला मौसम और आयरलैंड की घरेलू भूख इस मुकाबले को सामान्य द्विपक्षीय मैच से ज्यादा रोचक बना सकते हैं।

शुक्रवार को नजरें सिर्फ इस बात पर नहीं होंगी कि भारत जीतता है या नहीं। असली सवाल यह होगा कि श्रीयस अय्यर की कप्तानी कैसी दिखती है, भारत अपने नए T20 चक्र को किस सोच के साथ शुरू करता है और क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दरवाजा तुरंत खोल दिया जाता है या नहीं।

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