बांग्लादेश क्रिकेट के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक और पूर्व कप्तान मुशफिकुर रहीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट, विशेषकर वनडे फॉर्मेट में अपनी वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शुक्रवार को सिलहट में पत्रकारों से बात करते हुए रहीम ने स्पष्ट किया कि भले ही बोर्ड की ओर से उन्हें संन्यास वापस लेने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन अब वे खुद को इस प्रारूप में नहीं देखते हैं।
BCB चाहता था 2027 वर्ल्ड कप के लिए वापसी
रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के उच्च अधिकारियों ने हाल ही में मुशफिकुर रहीम से संपर्क किया था। बोर्ड चाहता था कि रहीम अपने वनडे संन्यास के फैसले पर पुनर्विचार करें और दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले 2027 आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए टीम में वापसी करें। बोर्ड का मानना था कि दक्षिण अफ्रीका की चुनौतीपूर्ण पिचों पर रहीम का अनुभव टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
हालांकि, मुशफिकुर ने इस प्रस्ताव को बेहद विनम्रता के साथ ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, “हाँ, यह सच है कि मुझे वनडे क्रिकेट में लौटने का संदेश मिला था। लेकिन मेरा मानना है कि बांग्लादेश की टीम अब एक ऐसे पड़ाव पर है, जहाँ उन्हें मेरी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं जो भविष्य में टीम को आगे ले जाने की क्षमता रखते हैं।”
नाहिद राणा: बांग्लादेशी गेंदबाजी का उभरता सितारा
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुशफिकुर ने युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा की जमकर तारीफ की। राणा ने हाल के समय में अपनी गति और सटीक गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। मुशफिकुर ने बताया कि वे राणा को घरेलू क्रिकेट के दिनों से करीब से जानते हैं।
रहीम ने कहा, “मैं राणा के उदय से बिल्कुल भी हैरान नहीं हूँ। जब मैं राजशाही के लिए घरेलू क्रिकेट खेल रहा था, तब मैंने उन्हें बहुत करीब से देखा था। एक युवा खिलाड़ी में सुधार करने की जो इच्छा और ललक राणा के पास है, वह बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलती है। उनकी डाइट, उनकी ट्रेनिंग और बल्लेबाजों को लेकर उनकी समझ एक महान खिलाड़ी बनने के लक्षण हैं।”
टेस्ट क्रिकेट में अभी लंबी पारी खेलने का इरादा
टी20 और वनडे से दूरी बना चुके मुशफिकुर का ध्यान अब पूरी तरह से रेड-बॉल क्रिकेट (टेस्ट) पर केंद्रित है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उनके मन में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का कोई विचार नहीं है। मुशफिकुर का सबसे बड़ा लक्ष्य अगस्त 2026 में होने वाला ऑस्ट्रेलिया दौरा है।
बांग्लादेश की टीम 18 साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली है। यह सीरीज 2025-2027 आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा होगी। मुशफिकुर ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी सरजमीं पर टेस्ट मैच खेलना मेरा एक बड़ा सपना है। मैं तब तक मैदान पर रहना चाहता हूँ जब तक मैं टीम के लिए योगदान दे सकता हूँ। मैं अपने करियर का अंत तब करना चाहूँगा जब मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहूँगा।”
मैदान की स्थिति और मौसम की चुनौती
सिलहट में होने वाले आगामी मैचों पर बात करते हुए रहीम ने कहा कि यहाँ की पिचें हमेशा से ही बल्लेबाजी के अनुकूल रही हैं, लेकिन मौसम एक बड़ी बाधा बन सकता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए पिच से ज्यादा बड़ी चुनौती यहाँ की बदलती मौसमी परिस्थितियां होंगी।
