इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL सिर्फ क्रिकेट का सबसे बड़ा मंच नहीं, बल्कि ग्लैमर, पैसा और स्टारडम का भी सबसे बड़ा अखाड़ा है। लेकिन इसी चकाचौंध के बीच अब BCCI को खिलाड़ियों की सुरक्षा, अनुशासन और लीग की साख को लेकर गंभीर चिंता सताने लगी है। बोर्ड ने सभी IPL फ्रेंचाइजी को 7 पन्नों का सख्त पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि अगर नए नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, तो खिलाड़ियों और टीमों को निलंबन से लेकर कानूनी कार्रवाई तक का सामना करना पड़ सकता है।
रियान पराग विवाद के बाद BCCI का कड़ा रुख
इस पूरे मामले की शुरुआत राजस्थान रॉयल्स से जुड़े विवादों के बाद हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। BCCI ने इसे न सिर्फ IPL नियमों का उल्लंघन माना, बल्कि भारतीय कानून के तहत गंभीर मामला भी बताया है। इसके अलावा राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने अपने पत्र में साफ कहा है कि IPL के प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स में गिरावट दिख रही है और अब बोर्ड इस पर कोई ढील देने के मूड में नहीं है।
हनी ट्रैप को लेकर सबसे बड़ी चेतावनी
BCCI के इस पत्र का सबसे गंभीर हिस्सा ‘हनी ट्रैप’ को लेकर है। बोर्ड की एंटी करप्शन यूनिट ने खिलाड़ियों के आसपास अनधिकृत लोगों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, अज्ञात महिलाओं और तथाकथित प्रशंसकों की बढ़ती मौजूदगी को बड़ा खतरा माना है।
बोर्ड को आशंका है कि IPL जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को ब्लैकमेल, जबरन वसूली या टीम की रणनीतिक जानकारी लीक कराने के लिए निशाना बनाया जा सकता है। यही वजह है कि BCCI ने सभी फ्रेंचाइजी से कहा है कि वे ऐसे खतरों को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें।
होटल रूम में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
नए SOP के तहत अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के होटल रूम में जाने की अनुमति नहीं होगी। चाहे वह रिश्तेदार, दोस्त या कोई परिचित ही क्यों न हो, टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना किसी को भी कमरे तक पहुंच नहीं दी जाएगी।
मेहमानों से मुलाकात सिर्फ होटल लॉबी या सार्वजनिक क्षेत्र में ही होगी, जहां निगरानी और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था हो। इसका मकसद खिलाड़ियों को किसी भी तरह के निजी, कानूनी या सुरक्षा जोखिम से बचाना है।
बिना बताए होटल से बाहर जाना भी अब मुश्किल
BCCI ने यह भी पाया है कि कुछ खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ होटल से देर रात या अनियमित समय पर बिना सुरक्षा अधिकारियों को बताए बाहर जाते रहे हैं। बोर्ड ने इसे बड़ा सुरक्षा खतरा माना है।
अब खिलाड़ियों और स्टाफ को होटल से बाहर जाने से पहले Security Liaison Officer यानी SLO या Team Integrity Officer यानी TIO को सूचित करना होगा। उनकी मूवमेंट का पूरा लॉग रखा जाएगा।
वेपिंग और मोबाइल फोन पर जीरो टॉलरेंस
BCCI ने साफ कर दिया है कि ड्रेसिंग रूम, डगआउट, प्रैक्टिस एरिया, होटल और IPL से जुड़े सभी प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग, ई-सिगरेट और प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल पूरी तरह बैन है।
इसके साथ ही डगआउट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी सख्ती जारी रहेगी। यह नियम एंटी करप्शन प्रोटोकॉल का हिस्सा है, क्योंकि मोबाइल फोन के जरिए मैच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी बाहर जाने का खतरा रहता है।
टीम मालिकों के लिए भी नया नियम
BCCI ने फ्रेंचाइजी मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को भी साफ निर्देश दिया है कि वे मैच के दौरान डगआउट या प्रतिबंधित क्षेत्र में खिलाड़ियों से बातचीत, संपर्क या शारीरिक रूप से मिलने की कोशिश न करें। बोर्ड के मुताबिक, ऐसा करना टीम डायनेमिक्स और मैच प्रोटोकॉल में दखल माना जाएगा।
गलती खिलाड़ी की, जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी की
BCCI ने फ्रेंचाइजी को भी सीधे जिम्मेदार बनाया है। अगर कोई खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ नियम तोड़ता है, तो फ्रेंचाइजी को भी जवाबदेह माना जाएगा। सभी टीमों को पत्र मिलने के 48 घंटे के भीतर खिलाड़ियों और स्टाफ की ब्रीफिंग करनी होगी और उनसे लिखित स्वीकृति लेनी होगी कि वे नए नियमों को समझ चुके हैं।
IPL ने कई खिलाड़ियों को पैसा, पहचान और ग्लोबल स्टारडम दिया है, लेकिन इसी स्टारडम के साथ अनुशासन और जिम्मेदारी भी आती है। BCCI की यह चेतावनी साफ संकेत है कि अब बोर्ड सिर्फ मैदान के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं रहेगा, बल्कि मैदान के बाहर खिलाड़ियों के आचरण, सुरक्षा और प्रोफेशनल व्यवहार पर भी कड़ी नजर रखेगा।
हनी ट्रैप, अनधिकृत लोगों की एंट्री, वेपिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी — ये सभी बातें IPL की साख के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। यही वजह है कि BCCI अब लापरवाही पर सीधा एक्शन लेने की तैयारी में है।
