भारतीय क्रिकेट में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है। IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या उन्हें जल्द ही भारतीय टीम में मौका मिल सकता है। इसी बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। मांजरेकर का मानना है कि सूर्यवंशी फिलहाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं, लेकिन सिर्फ T20 फॉर्मेट में।
IPL 2026 में वैभव का धमाका
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 10 मैचों में 404 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.64 रहा, जिसने सभी का ध्यान खींचा। खास बात यह रही कि उन्होंने बड़े गेंदबाजों के खिलाफ भी बेखौफ बल्लेबाजी की। रिपोर्ट के मुताबिक, सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज के खिलाफ भी रन बनाए और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
अंडर-19 और घरेलू क्रिकेट में भी दिखा दम
सूर्यवंशी पहली बार पिछले साल IPL में शतक लगाकर चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी। इस साल अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में उनकी 175 रन की पारी ने उनके नाम को और बड़ा बना दिया। इसके अलावा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ शतक ने भी उनकी दावेदारी को मजबूत किया।
मांजरेकर बोले- T20 टीम के लिए दावा मजबूत
Sportstar से बातचीत में संजय मांजरेकर ने कहा कि IPL जैसे बड़े मंच और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सूर्यवंशी ने खुद को साबित किया है। मांजरेकर के मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी इतने बड़े मंच पर इस तरह की बल्लेबाजी कर रहा है, तो उसे भारतीय T20 टीम के लिए तैयार माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी ने T20 इंटरनेशनल टीम में जगह के लिए पर्याप्त दावा पेश किया है।
टीम इंडिया में जगह आसान नहीं
हालांकि मांजरेकर ने यह भी माना कि सूर्यवंशी के लिए भारतीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं होगा। टीम इंडिया के पास पहले से ही कई मजबूत ओपनर मौजूद हैं। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे बल्लेबाज भी T20 टीम की रेस में हैं। ऐसे में सूर्यवंशी को मौका मिलना टीम कॉम्बिनेशन और चयनकर्ताओं की योजना पर निर्भर करेगा।
टेस्ट क्रिकेट के लिए तकनीक पर सवाल
मांजरेकर ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी तकनीक पर भी अहम बात कही। उनके अनुसार, सूर्यवंशी T20 क्रिकेट में गेंद से थोड़ा दूर रहकर जगह बनाते हैं और शॉट खेलते हैं। यह तरीका छोटे फॉर्मेट में कारगर हो सकता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में यही तकनीक परेशानी खड़ी कर सकती है। मांजरेकर के मुताबिक, लंबे फॉर्मेट में बल्लेबाज को गेंद की लाइन के करीब जाकर खेलना पड़ता है।
विदेश में चुनौती बढ़ सकती है
मांजरेकर ने कहा कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में बल्लेबाज अगर गेंद की लाइन से दूर रहेगा, तो उसके लिए रन बनाना मुश्किल होगा। उनके अनुसार, विदेशी पिचों पर गेंद की मूवमेंट और उछाल बल्लेबाज की तकनीक की असली परीक्षा लेती है। ऐसे में सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट के लिए अपनी तकनीक पर खास काम करना होगा।
T20 में नाम, टेस्ट में सम्मान की चुनौती
मांजरेकर ने साफ कहा कि अगर किसी युवा खिलाड़ी को सिर्फ T20 में नाम और पैसा कमाना है, तो ऐसी बल्लेबाजी काम आ सकती है। लेकिन अगर उसे आलोचकों और क्रिकेट जगत से असली सम्मान चाहिए, तो उसे गेंद की लाइन के करीब जाकर खेलने की आदत डालनी होगी। उनका इशारा साफ था कि सूर्यवंशी में प्रतिभा है, लेकिन लंबे फॉर्मेट के लिए उन्हें अपने खेल को और तराशना होगा।
आगे चयनकर्ताओं पर नजर
कुल मिलाकर, वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट में नई उम्मीद जरूर जगाई है। IPL 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि IPL 2026 के बाद चयनकर्ता उन्हें भारतीय T20 टीम में मौका देते हैं या अभी और इंतजार कराते हैं।
