काउंटी क्रिकेट चैंपियनशिप के एक रोमांचक मुकाबले में ससेक्स और सरे के बीच खेले जा रहे मैच के पहले दिन क्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली एक कहानी लिखी गई। ससेक्स की टीम जब 92 रनों पर 7 विकेट गंवाकर हार की कगार पर खड़ी थी, तब टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों जैक कार्सन और कप्तान ओली रॉबिन्सन ने वह कर दिखाया जिसे क्रिकेट की भाषा में ‘असंभव’ माना जाता है।
पिच का मिजाज और सरे का दबदबा
मैच की शुरुआत सरे के टॉस जीतने के साथ हुई। पिच इतनी हरी थी कि इसे ओवल का हिस्सा पहचानना मुश्किल था। सरे के तेज गेंदबाज जॉर्डन क्लार्क ने अपनी घातक गेंदबाजी से ससेक्स के शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। लंच से पहले ही ससेक्स 92/7 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी और ऐसा लग रहा था कि उनकी पारी जल्द ही सिमट जाएगी।
कार्सन और रॉबिन्सन का ‘मिशन रिडेम्पशन’
ससेक्स के लिए संकटमोचक बने 25 वर्षीय ऑफ-स्पिनर जैक कार्सन। कार्सन, जिन्होंने अपने युवा करियर में 600 रन बिना आउट हुए बनाने का कारनामा किया था, ने दिखाया कि उनमें एक बेहतरीन बल्लेबाज छिपा है। उन्होंने फिंन हडसन-प्रेंटिस (53) के साथ 75 रनों की साझेदारी की।
असली उलटफेर तब हुआ जब कप्तान ओली रॉबिन्सन क्रीज पर आए। रॉबिन्सन, जिनका अंतरराष्ट्रीय करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, ने सरे के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण-जिसमें शॉन एबॉट, रीस टोपली और मैथ्यू फिशर जैसे अंतरराष्ट्रीय नाम शामिल थे, को धज्जियां उड़ाते हुए 173 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की।
विवादों से शतक तक: रॉबिन्सन की वापसी
ओली रॉबिन्सन का यह शतक केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जज्बात में भी बड़ा है। 2021 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के दौरान अपने पुराने विवादास्पद ट्वीट्स के चलते निलंबन झेलने वाले रॉबिन्सन ने अपने आलोचकों को खेल से जवाब दिया है। 11 साल बाद अपना पहला फर्स्ट-क्लास शतक लगाने वाले रॉबिन्सन ने शानदार छक्के के साथ अपनी सेंचुरी पूरी की और टीम के स्कोर को 358/9 तक पहुँचाकर पारी घोषित कर दी।
मैच की स्थिति
जैक कार्सन (105) और ओली रॉबिन्सन (100*) के शतकों की बदौलत ससेक्स ने न केवल सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से सरे को बैकफुट पर ढकेल दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक सरे बिना किसी नुकसान के 19 रन बना चुकी थी।
क्रिकेट का बड़ा सबक
यह पारी इस बात का प्रमाण है कि क्रिकेट में कोई भी स्थिति ‘अंत’ नहीं होती। No.9 और No.10 के द्वारा एक ही पारी में शतक जड़ना काउंटी क्रिकेट की अनिश्चितता और खूबसूरती का सबसे बड़ा उदाहरण है।
