भारतीय क्रिकेट में इस वक्त एक सवाल हर क्रिकेट प्रेमी के जेहन में है- क्या ‘टीम इंडिया’ वाले हार्दिक पांड्या और ‘मुंबई इंडियंस’ वाले हार्दिक पांड्या दो अलग खिलाड़ी हैं? आंकड़े तो कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं। जहाँ टीम इंडिया के लिए हार्दिक संकटमोचक बनकर उभरते हैं, वहीं आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए उनकी वह पुरानी चमक खोई-खोई सी नजर आ रही है।
दो दुनिया, दो हार्दिक: आंकड़ों का खेल
अगर हम इस सीजन के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो अंतर साफ और चौंकाने वाला है। आईपीएल 2026 में अब तक हार्दिक ने 6 पारियों में मात्र 97 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में 15 ओवरों में उनके हाथ सिर्फ 3 सफलताएं लगी हैं।
इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय टी20 में उनका ग्राफ बिल्कुल अलग है। इस साल भारत के लिए 12 पारियों में उन्होंने 165 की स्ट्राइक रेट से 286 रन कूटे हैं और 13 विकेट भी चटकाए हैं। 2024 और 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में कठिन परिस्थितियों में की गई उनकी गेंदबाजी आज भी फैंस के दिमाग में ताज़ा है। लेकिन वही ‘डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट’ मुंबई इंडियंस के लिए आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने से कतरा रहा है।
| हार्दिक पांड्या: एक खिलाड़ी, दो रूप | टीम इंडिया (T20I 2026) | मुंबई इंडियंस (IPL 2026) |
| पारियां (Innings) | 12 | 6 |
| कुल रन (Total Runs) | 286 | 97 |
| स्ट्राइक रेट (Strike Rate) | 165.31 | 140.57 |
| विकेट (Wickets) | 13 | 3 |
| डेथ ओवर इकॉनमी (Death Economy) | 9.7 | 13.0 |
कप्तानी का बोझ या रणनीति की चूक?
वानखेड़े स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच ने इस रहस्य को और गहरा कर दिया। शुरुआती ओवरों में मार खाने के बाद, हार्दिक ने अंतिम ओवरों में खुद जिम्मेदारी लेने के बजाय युवा कृष्ण भगत को गेंद थमा दी। नतीजा? संजू सैमसन ने उस ओवर में 16 रन बटोर कर स्कोर को 207 तक पहुंचा दिया, जो अंत में निर्णायक साबित हुआ।
गुजरात टाइटंस (GT) के साथ कप्तान के तौर पर सफल रहने वाले हार्दिक का रिकॉर्ड मुंबई वापसी के बाद गिरा है। गुजरात के लिए उन्होंने लगभग 38 की औसत से रन बनाए थे, जबकि मुंबई के लिए यह औसत गिरकर 20.65 रह गया है। हालांकि उनकी स्ट्राइक रेट में सुधार हुआ है, लेकिन उनकी इकॉनमी रेट (10.7) आईपीएल के सबसे महंगे गेंदबाजों की लिस्ट में पहुंच गई है।

क्या कहते हैं दिग्गज?
मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने फिलहाल हार्दिक का बचाव कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी यूनिट की विफलता है। जयवर्धने के अनुसार, “फॉर्म कोई चिंता का विषय नहीं है, हमें एक टीम के रूप में पावरप्ले और विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।”
सवाल जो बरकरार हैं…
आखिर क्यों अपने इंडिया टीम के साथियों (रोहित, सूर्या, बुमराह) के साथ होने के बावजूद हार्दिक वह करिश्मा नहीं कर पा रहे हैं?
क्या सितारों से सजे ड्रेसिंग रूम की उम्मीदें उन पर भारी पड़ रही हैं?
क्या एक ‘फिनिशर’ और ‘कैप्टन’ की दोहरी भूमिका उनके स्वाभाविक खेल को दबा रही है?
मुंबई इंडियंस फिलहाल अंक तालिका में 9वें स्थान पर संघर्ष कर रही है। अगर उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में वापस आना है, तो हार्दिक पांड्या को अपनी उस ‘टीम इंडिया’ वाली जादुई फॉर्म को वापस पाना ही होगा। आईपीएल 2026 का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि क्या कप्तान पांड्या अपनी लय दोबारा खोज पाएंगे।
