टी20 क्रिकेट, यानी चौकों-छक्कों की बारिश और तूफानी स्ट्राइक रेट का खेल! IPL जैसे टूर्नामेंट में जहाँ हर गेंद कीमती होती है, वहाँ अगर कोई बल्लेबाज अर्धशतक (50 रन) पूरा करने में 50 से ज्यादा गेंदें ले ले, तो यह टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित होता है।
क्रिकेट की भाषा में इसे ‘धीमी पारी’ कहा जाता है। आज हम आपको IPL इतिहास के उन 5 बल्लेबाजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने सबसे धीमी फिफ्टी लगाने का ‘अनचाहा रिकॉर्ड’ अपने नाम किया है।
5. जैक कैलिस (RCB) – 51 गेंदें (2009)
IPL 2009 में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ खेलते हुए, RCB के दिग्गज ऑलराउंडर जैक कैलिस ने 51 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था। उन्होंने 56 गेंदों में नाबाद 58 रन बनाए। हालांकि, 135 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी इस पारी ने टीम को जीत तो दिलाई, लेकिन उनकी स्ट्राइक रेट पर तब भी सवाल उठे थे।
4. रॉबिन उथप्पा (PWI) – 52 गेंदें (2012)
पुणे वॉरियर्स के लिए खेलते हुए रॉबिन उथप्पा ने 2012 में दिल्ली के खिलाफ 52 गेंदों का सामना करके अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 58 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए, लेकिन उनकी यह धीमी पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। पुणे को उस मैच में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
3. ब्रेंडन मैकुलम (KKR) – 52 गेंदें (2010)
T20 के विस्फोटक बल्लेबाज माने जाने वाले ब्रेंडन मैकुलम का नाम इस लिस्ट में होना चौंकाने वाला है। 2010 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने 52 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और अंततः 56 गेंदों में 57 रन बनाए। भले ही KKR मैच जीत गई थी, लेकिन यह मैकुलम के करियर की सबसे धीमी पारियों में गिनी जाती है।
2. पार्थिव पटेल (CSK) – 53 गेंदें (2010)
2010 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स के पार्थिव पटेल ने 53 गेंदों में 50 रन बनाए। 137 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए पार्थिव ने 58 गेंदों में 57 रन बनाए। मैच टाई रहा और सुपर ओवर में CSK को हार झेलनी पड़ी।
1. जेपी डुमिनी (MI) – 55 गेंदें (2009)
IPL इतिहास की सबसे धीमी फिफ्टी का ‘अनचाहा’ रिकॉर्ड जेपी डुमिनी के नाम है। 2009 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ उन्होंने 55 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। वे 63 गेंदों में सिर्फ 59 रन बना पाए। 120 रनों का छोटा लक्ष्य होने के बावजूद, मुंबई इंडियंस 3 रन से मैच हार गई। इस हार के बाद डुमिनी की इस धीमी बल्लेबाजी की जमकर आलोचना हुई थी।
