Sourav Ganguly ने MS Dhoni के Phase-2 पर उठाए सवाल, बोले- Phase 1 वाला Dhoni ज्यादा पसंद था

Sourav Ganguly MS Dhoni

MS Dhoni भले ही IPL 2026 में अब तक Chennai Super Kings के लिए मैदान पर नहीं उतरे हैं, लेकिन उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सीजन शुरू होने से पहले calf strain के कारण Dhoni को शुरुआती दो हफ्तों के लिए बाहर बताया गया था, लेकिन उनकी वापसी अब तक नहीं हो पाई है। CSK ने इस बीच Ruturaj Gaikwad की कप्तानी में धीरे-धीरे अपनी लय पकड़ी है।

इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान Sourav Ganguly ने Dhoni को लेकर एक दिलचस्प बयान दिया है। Raj Shamani के podcast में गांगुली ने कहा कि उन्होंने Dhoni जैसा six-hitter बहुत कम देखा है। गांगुली के मुताबिक, जब Dhoni उनके कप्तान रहते हुए भारतीय टीम में आए थे, तब वह बेहद आक्रामक बल्लेबाज थे और आसानी से छक्के लगाते थे।

गांगुली ने Dhoni के career को दो phases में बांटते हुए कहा कि उन्हें “Phase 1” वाला Dhoni ज्यादा पसंद था। उनका इशारा Dhoni के उस शुरुआती दौर की तरफ था, जब वह गेंदबाजों पर सीधे हमला करते थे और बड़े shots खेलने से नहीं डरते थे। गांगुली ने माना कि बाद के वर्षों में Dhoni बहुत बड़े खिलाड़ी और भारत के महान कप्तान बने, लेकिन बतौर बल्लेबाज उन्हें वह Dhoni कम पसंद था जो singles-doubles लेकर game को आगे बढ़ाता था।

Dhoni ने 2004 में international cricket में कदम रखा था और शुरुआती दौर में उनकी पहचान explosive batting से बनी। Pakistan के खिलाफ Visakhapatnam में 148 रन और Sri Lanka के खिलाफ 183 not out जैसी पारियों ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया power-hitter बना दिया था। बाद में कप्तानी संभालने के बाद Dhoni का batting approach ज्यादा calculated हो गया, जहां वह मैच को deep लेकर finish करने वाले खिलाड़ी के रूप में पहचाने गए।

इस podcast में गांगुली ने सिर्फ Dhoni पर ही बात नहीं की, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस कठिन दौर को भी याद किया जब साल 2000 के आसपास match-fixing scandal ने टीम की छवि को गहरा झटका दिया था। गांगुली ने बताया कि जब उन्हें captaincy मिली, तब वह खुद कई बातों को लेकर confused थे और उन्होंने Sachin Tendulkar, Rahul Dravid और Anil Kumble जैसे senior खिलाड़ियों से पूछा था कि क्या कभी उन्हें fixing के लिए approach किया गया था।

गांगुली ने यह भी याद किया कि पहली बार टीम meeting address करना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि dressing room में Sachin Tendulkar और Mohammad Azharuddin जैसे खिलाड़ी मौजूद थे, जिनकी कप्तानी में वह खुद खेल चुके थे। इसलिए उन्होंने पहली team meeting छोटी रखी और धीरे-धीरे कप्तानी में उनका confidence बढ़ता गया।

गांगुली की captaincy को भारतीय क्रिकेट के transition phase के रूप में याद किया जाता है। fixing controversy के बाद उन्होंने टीम में नई ऊर्जा, aggression और युवा खिलाड़ियों पर भरोसे की संस्कृति बनाई। Dhoni भी उसी नए भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े चेहरों में से एक बने, हालांकि Dhoni का असली कप्तानी दौर बाद में आया और उन्होंने India को T20 World Cup 2007, ODI World Cup 2011 और Champions Trophy 2013 जैसे बड़े titles दिलाए।

गांगुली का बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने Dhoni की आलोचना पूरी तरह नकारात्मक अंदाज में नहीं की। उन्होंने Dhoni की power-hitting की तारीफ की, शुरुआती दौर को याद किया और साथ ही यह भी माना कि आगे चलकर Dhoni भारतीय क्रिकेट के बहुत बड़े खिलाड़ी और कप्तान बने।

कुल मिलाकर, गांगुली के बयान ने Dhoni के career evolution पर फिर बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि fans को कौन सा Dhoni ज्यादा पसंद था- शुरुआती दौर का fearless six-hitter या बाद के दौर का calm finisher?

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