IPL 2026 के पहले हाफ में अजेय रहने वाली पंजाब किंग्स (PBKS) अब हार की हैट्रिक लगा चुकी है। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण है- खराब फील्डिंग। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बुधवार को पंजाब के फील्डर्स ने जिस तरह से कैच टपकाए, उसे देखकर हेड कोच रिकी पोंटिंग ने इसे एक ‘वायरस’ कहा, तो वहीं पूर्व क्रिकेटर केटी मार्टिन ने इसे एक ‘इन्फेक्शन’ (संक्रमण) करार दिया है, जो पूरी टीम में फैल चुका है।
श्रेयस अय्यर का दर्द: “यह हमारे लिए सबसे बड़ा सेटबैक”
मैच के बाद पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ तौर पर अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा, “यही हमारे लिए सबसे बड़ा झटका था। अगर हमने वे कैच पकड़े होते, तो हमें 30-40 रन कम का पीछा करना पड़ता।” गौरतलब है कि हैदराबाद ने 235 रन बनाए थे, जबकि पंजाब 202 तक पहुँच गई थी। यानी अगर स्कोर 190-200 के आसपास होता, तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
किशन और क्लासेन को जीवनदान देना पड़ा भारी
पंजाब के स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार का पोस्टमार्टम करते हुए कहा, “ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को जीवनदान देना आत्महत्या जैसा है। जब आप इनका कैच छोड़ते हैं, तो वे बहुत तेजी से रन बनाते हैं। अगर हम कैच पकड़ लेते, तो नए बल्लेबाज क्रीज पर आते और हमारी योजनाएं बेहतर तरीके से लागू हो पातीं।”
किसने, कब छोड़ा कैच?
कूपर कॉनोली: 8वें ओवर में फर्ग्यूसन की गेंद पर ईशान किशन का आसान कैच छोड़ा (किशन तब 9 रन पर थे)।
शशांक सिंह: 9वें ओवर में युजवेंद्र चहल की गेंद पर क्लासेन का ‘डॉली’ कैच टपकाया (क्लासेन तब 9 रन पर थे)।
लॉकी फर्ग्यूसन: 11वें ओवर में चहल की ही गेंद पर फिर से किशन का कैच मिस किया।
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— IndianPremierLeague (@IPL) May 6, 2026
क्या यह तकनीक की कमी है या लाइट का डर?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स दीप दासगुप्ता और केटी मार्टिन ने इस पर तकनीकी सवाल भी उठाए। मार्टिन के अनुसार, “पंजाब के खिलाड़ी गेंद के नीचे आने के बजाय हाथ आगे की तरफ निकाल रहे थे। हो सकता है कि स्टेडियम की लाइट की ऊंचाई कम हो, जिससे गेंद देखने में दिक्कत हो रही हो।” कोच बहुतुले ने भी माना कि लाइट और भीड़ के बीच से आती गेंद को जज करना आसान नहीं होता, लेकिन एक पेशेवर खिलाड़ी से इसकी उम्मीद की जाती है।
शशांक सिंह का ‘नेगेटिव माइंडसेट’
शशांक सिंह, जो आमतौर पर एक सुरक्षित फील्डर माने जाते हैं, पिछले कुछ मैचों से लगातार कैच छोड़ रहे हैं। दीप दासगुप्ता ने इस पर कहा, “जब आप एक-दो कैच छोड़ देते हैं, तो आपके मन में डर बैठ जाता है। आप सोचने लगते हैं कि ‘अगला कैच मेरे पास न आए’। इसी नकारात्मक सोच की वजह से शरीर सही प्रतिक्रिया नहीं देता। शशांक को बस एक अच्छे और कॉन्फिडेंट कैच की जरूरत है।”
