FIFA World Cup 2026 का आगाज गुरुवार को मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक Estadio Azteca में हुआ और मेजबान मेक्सिको ने अपने फैंस को जश्न मनाने का बड़ा मौका दे दिया। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया। मेक्सिको के लिए Julián Quiñones और अनुभवी स्ट्राइकर Raúl Jiménez ने गोल किए, जबकि मैच तीन रेड कार्ड की वजह से भी काफी चर्चा में रहा।
दिन के दूसरे मुकाबले में Korea Republic यानी दक्षिण कोरिया ने शानदार वापसी करते हुए Czechia को 2-1 से हराया। चेकिया ने कप्तान Ladislav Krejčí के गोल से बढ़त बनाई थी, लेकिन दक्षिण कोरिया ने Hwang In-Beom और सब्स्टिट्यूट Oh Hyeon-Gyu के गोल की मदद से मैच पलट दिया।
मेक्सिको का दमदार आगाज, रेड कार्ड ने बढ़ाया ड्रामा
मेक्सिको ने शुरुआत से ही दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाया। घरेलू दर्शकों के बीच खेल रही मेक्सिकन टीम को शुरुआती बढ़त Julián Quiñones ने दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में Raúl Jiménez ने गोल कर टीम की जीत लगभग तय कर दी। Jiménez के लिए यह गोल बेहद खास रहा, क्योंकि 35 साल की उम्र में उन्होंने वर्ल्ड कप मंच पर एक यादगार पल अपने नाम किया।
हालांकि मैच सिर्फ गोलों के लिए नहीं, बल्कि अनुशासनहीनता के लिए भी याद रखा जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के दो खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाया गया, जबकि मेक्सिको के Cesar Montes को भी इंजरी टाइम में मैदान छोड़ना पड़ा। इस तरह मैच में कुल तीन रेड कार्ड दिखे, जो वर्ल्ड कप ओपनर के लिहाज से बेहद दुर्लभ घटना है। 2022 कतर वर्ल्ड कप में पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ 4 रेड कार्ड दिखे थे।
मेक्सिको के नाम कई बड़े रिकॉर्ड
इस जीत के साथ मेक्सिको ने वर्ल्ड कप के अपने ओपनिंग मैचों में शानदार रिकॉर्ड को और आगे बढ़ा दिया। मेक्सिको अब पिछले आठ वर्ल्ड कप ओपनर्स में अजेय रहा है। इनमें उसे छह जीत और दो ड्रॉ मिले हैं। मेक्सिको को आखिरी बार वर्ल्ड कप के पहले मैच में 1994 में नॉर्वे के खिलाफ हार मिली थी।
Raúl Jiménez ने भी इस मुकाबले में इतिहास रचा। 35 साल 37 दिन की उम्र में वह वर्ल्ड कप में मेक्सिको के लिए गोल करने वाले चौथे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। इसके साथ ही राष्ट्रीय टीम के लिए उनके गोलों की संख्या 47 हो गई और उन्होंने Jared Borgetti को पीछे छोड़ते हुए मेक्सिको के ऑल-टाइम टॉप स्कोरर्स की लिस्ट में चौथा स्थान हासिल कर लिया।
मेक्सिको के युवा खिलाड़ी Gilberto Mora भी चर्चा में रहे। 17 साल 240 दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर वह किसी होस्ट नेशन की ओर से वर्ल्ड कप में खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। कुल मिलाकर वह वर्ल्ड कप इतिहास के छठे सबसे युवा डेब्यूटेंट बने।
दक्षिण कोरिया की जबरदस्त वापसी
ग्वाडलाजारा में खेले गए दिन के दूसरे मुकाबले में चेकिया ने बेहतर शुरुआत की और कप्तान Ladislav Krejčí ने हेडर से टीम को बढ़त दिलाई। लेकिन दक्षिण कोरिया ने दबाव में टूटने के बजाय अपने मिडफील्ड कंट्रोल और तेज अटैक से मैच का रुख बदल दिया।
Hwang In-Beom ने बराबरी का गोल किया और फिर Oh Hyeon-Gyu ने 80वें मिनट में विजयी गोल दागा। Oh का यह गोल दक्षिण कोरिया के वर्ल्ड कप इतिहास में किसी सब्स्टिट्यूट द्वारा किया गया आठवां गोल था। यूरोप और दक्षिण अमेरिका से बाहर किसी भी देश के लिए यह सबसे ज्यादा है।
यूरोपियन टीमों के खिलाफ कोरिया का नया आत्मविश्वास
दक्षिण कोरिया ने इस जीत के साथ एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। 2018 में जर्मनी, 2022 में पुर्तगाल और अब 2026 में चेकिया को हराकर कोरिया ने वर्ल्ड कप में यूरोपियन टीमों के खिलाफ लगातार तीसरी जीत दर्ज की है।
यह दक्षिण कोरिया की वर्ल्ड कप इतिहास में चौथी comeback victory भी रही। इससे पहले कोरिया ने 2002 में इटली, 2006 में टोगो और 2022 में पुर्तगाल के खिलाफ पिछड़ने के बाद जीत हासिल की थी।
चेकिया के लिए यह हार निराशाजनक रही, क्योंकि टीम ने पहले गोल के बावजूद बढ़त गंवा दी। आंकड़ों के अनुसार, चेकिया अब वर्ल्ड कप में पहले गोल करने के बाद 8 मैच हार चुका है, जो स्वीडन के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है।
पहले दिन ने ही बढ़ा दिया रोमांच
FIFA World Cup 2026 का पहला दिन ही बड़े ड्रामे, ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स और वापसी की कहानी से भरपूर रहा। मेक्सिको ने घरेलू मैदान पर जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की, जबकि दक्षिण कोरिया ने चेकिया के खिलाफ साबित किया कि वह अब बड़े मंच पर किसी भी यूरोपियन टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है।
ग्रुप A में मेक्सिको और दक्षिण कोरिया ने अपने-अपने पहले मुकाबले जीतकर मजबूत शुरुआत कर दी है। अब अगले मुकाबलों में इन दोनों टीमों की भिड़ंत और भी अहम हो जाएगी।
