इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड पुरुष टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने साफ कहा है कि स्टोक्स की वापसी को लेकर किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
रॉब की ने Sky Sports News से बातचीत में कहा कि बेन स्टोक्स के साथ कुछ भी संभव है। उन्होंने कहा, “अगर वह वापसी करते हैं तो यह एक शानदार कहानी होगी। उन्होंने अभी वापसी का कोई संकेत नहीं दिया है, लेकिन मुझे हैरानी नहीं होगी। Anything is possible with Ben.”
बेन स्टोक्स ने जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-1 से हारने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इससे पहले इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज में 4-1 से करारी हार झेलनी पड़ी थी।
स्टोक्स को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से भी बाहर रखा गया था, क्योंकि उन्होंने पहले टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के बाद जश्न मनाते समय मिडनाइट कर्फ्यू का उल्लंघन किया था। इस घटना के बाद ऐसी अटकलें लगी थीं कि स्टोक्स इंग्लैंड मैनेजमेंट के रवैये से खुश नहीं थे।
हालांकि, रॉब की ने इस बात से इनकार किया कि स्टोक्स और इंग्लैंड क्रिकेट के बीच रिश्ते खराब हुए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन संन्यास का ऐलान करने से स्टोक्स ने इंग्लैंड के साथ अपने रिश्ते को नुकसान पहुंचाया, तो उन्होंने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। कम से कम मेरी नजर में तो ऐसा नहीं है।”
इंग्लैंड क्रिकेट में हाल ही में बड़ा बदलाव भी हुआ है। जो रूट को फिर से टेस्ट कप्तान बनाया गया है, जबकि ब्रेंडन मैकुलम की जगह स्टीफन फ्लेमिंग को टेस्ट टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है।
संन्यास के बाद बेन स्टोक्स फिलहाल डरहम के लिए घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह वन-डे कप में वापसी करते हुए शानदार शतक लगाया। दिलचस्प बात यह रही कि यह मैच The Hundred के शुरुआती दिन खेला गया था।
स्टोक्स जब तक घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे, तब तक उनकी इंग्लैंड वापसी की चर्चा भी बनी रहेगी। खासकर अगले साल होने वाली एशेज सीरीज से पहले यह सवाल लगातार उठेगा कि क्या इंग्लैंड अपने सबसे बड़े मैच-विनर को फिर से टेस्ट टीम में वापस ला सकता है।
फिलहाल स्टोक्स ने वापसी का कोई संकेत नहीं दिया है, लेकिन रॉब की के बयान ने यह साफ कर दिया है कि इंग्लैंड क्रिकेट ने उनके लिए दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया है।
