भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराकर अपनी अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट जीत हासिल की। मुल्लांपुर में खेले गए इस वन-ऑफ टेस्ट में भारत ने बल्ले से पहाड़ खड़ा किया और फिर स्पिनरों ने अफगानिस्तान की बल्लेबाजी को दोनों पारियों में बिखेर दिया। Reuters के मुताबिक, यह भारत की टेस्ट इतिहास में सबसे बड़ी जीत है।
भारत ने पहली पारी में 564/8 घोषित किए। कप्तान शुभमन गिल ने 126 रन बनाए, केएल राहुल ने 100 रन की पारी खेली, जबकि अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम ने 6/140 लेकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारत को विशाल स्कोर तक जाने से रोक नहीं पाए। जवाब में अफगानिस्तान पहली पारी में 152 और फॉलोऑन के बाद दूसरी पारी में सिर्फ 112 रन पर सिमट गया।
बल्लेबाजी ने जीत की नींव रखी
भारत की जीत की असली शुरुआत पहली पारी से ही हो गई थी। शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए 126 रन बनाए और केएल राहुल ने शतक लगाकर भारतीय पारी को स्थिरता दी। ऋषभ पंत और साई सुदर्शन की अहम पारियों ने भी भारत को 564 तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। यही स्कोर अफगानिस्तान के लिए मानसिक दबाव बन गया, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में इतने बड़े स्कोर के जवाब में सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, temperament भी चाहिए होता है।
अफगानिस्तान की गेंदबाजी में मोहम्मद सलीम ने 6 विकेट लेकर व्यक्तिगत तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से लगातार दबाव नहीं मिला। भारत ने बड़े स्कोर के साथ मैच को लगभग एकतरफा बना दिया था।
मानव सुथार ने डेब्यू को यादगार बना दिया
मैच का सबसे बड़ा चेहरा बने मानव सुथार। अपने टेस्ट डेब्यू पर उन्होंने 6/33 लेकर अफगानिस्तान की पहली पारी को तहस-नहस कर दिया। सुथार की खासियत सिर्फ विकेट लेना नहीं थी। वह लगातार करीब 90 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गेंदबाजी कर रहे थे। उनकी गेंदों में drift भी था, turn भी था और सबसे अहम; control था। रहमत शाह जैसे सेट बल्लेबाज को around the legs बोल्ड करना यह बताता है कि सुथार बल्लेबाज के पैटर्न को पढ़ रहे थे। उन्होंने Sharafuddin Ashraf को limited reach के कारण फंसाया और Mohammad Saleem को पैड पर फंसाकर छठा विकेट लिया।
यह प्रदर्शन इसलिए और बड़ा था क्योंकि पिच बाकी गेंदबाजों के लिए उतनी खतरनाक नहीं दिख रही थी। सुथार ने उसी पिच से turn और doubt दोनों पैदा किए।
प्रसिद्ध कृष्णा की भूमिका भी अहम रही
सुथार की चमक के बीच प्रसिद्ध कृष्णा का योगदान भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पहली पारी में 3/37 लिए और back-of-a-length गेंदों से बल्लेबाजों को लगातार असहज किया। Azmatullah Omarzai को अंदर आती गेंद पर बोल्ड करना बताता है कि प्रसिद्ध सिर्फ pace नहीं, angle और bounce का भी अच्छा इस्तेमाल कर रहे थे।
भारत की गेंदबाजी योजना साफ थी- एक छोर से सुथार spin और drift से दबाव बनाएंगे, दूसरे छोर से प्रसिद्ध bounce और seam angle से गलती निकलवाएंगे।
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फॉलोऑन में Afghanistan ने इरादा दिखाया, लेकिन तरीका नहीं
दूसरी पारी में अफगानिस्तान 412 रन से पीछे था। ऐसे में उनके पास दो रास्ते थे- लंबा बचाव या counter-attack। सेदिकुल्लाह अटल ने 42 रन बनाकर कुछ देर के लिए आक्रामक रास्ता चुना। वह सुथार के खिलाफ आगे बढ़कर खेले और उन्हें attacking line से पीछे धकेलने की कोशिश की।
लेकिन समस्या यह रही कि अटल के अलावा बाकी बल्लेबाज attack और rash shots में फर्क नहीं समझ पाए। Rahmanullah Gurbaz ने Kuldeep को across the line खेला, Rahmat Shah ने Washington के खिलाफ आगे बढ़कर wide mid-off पर कैच दे दिया, और Hashmatullah Shahidi tentative prod में slip पर पकड़े गए। यानी Afghanistan ने intent तो दिखाया, लेकिन Test-match method गायब रहा।
Washington Sundar ने turn नहीं, drift से मैच खत्म किया
दूसरी पारी में असली काम किया Washington Sundar ने। उन्होंने 4/36 लेकर अफगानिस्तान की वापसी की थोड़ी-बहुत उम्मीद भी खत्म कर दी। खास बात यह रही कि सुंदर ने बड़े turn पर निर्भर नहीं किया। उन्होंने हवा में drift, outside-off channel और बल्लेबाजों की जल्दबाजी का इस्तेमाल किया।
Rahmat Shah और Hashmatullah Shahidi के विकेट इसी plan का हिस्सा थे। सुंदर ने बल्लेबाजों को drive और advance करने के लिए उकसाया, फिर line को इतना discipline रखा कि गलती होना तय था।
Kuldeep ने patience से विकेट निकाले
कुलदीप यादव इस मैच में अपने सर्वश्रेष्ठ rhythm में नहीं दिखे, लेकिन उन्होंने फिर भी 3/30 लेकर असर डाला। Kuldeep ने लगातार गेंद को ऊपर रखा और Afghanistan के बल्लेबाजों को बड़ा शॉट खेलने के लिए invite किया। जब बल्लेबाज patience खोते गए, तो उनके खिलाफ aerial shots फंसते गए।
इससे यह भी दिखा कि भारत की spin depth कितनी मजबूत है। एक spinner turn से मारता है, दूसरा drift से, तीसरा variation और flight से। यही फर्क भारत और Afghanistan के बीच सबसे बड़ा साबित हुआ।
Afghanistan की हार की सबसे बड़ी वजह
Afghanistan की बल्लेबाजी में कुछ व्यक्तिगत चमक जरूर दिखी- पहली पारी में Rahmat Shah का 60 और दूसरी पारी में Sediqullah Atal का 42। लेकिन टीम के तौर पर उनकी बल्लेबाजी में तीन बड़ी कमियां दिखीं।
पहली, लंबे स्पेल झेलने का अनुभव कम था।
दूसरी, Indian spinners के खिलाफ footwork लगातार uncertain रहा।
तीसरी, pressure आते ही shot selection बिखर गया।
निचले क्रम ने आखिरी सत्र में बड़े शॉट जरूर खेले, लेकिन तब तक मैच हाथ से निकल चुका था। कई बल्लेबाजों ने survival और attack के बीच संतुलन नहीं बनाया।
भारत के लिए इस जीत का मतलब
यह जीत सिर्फ रिकॉर्ड नहीं है। यह भारत की bench strength का बयान है। शुभमन गिल ने कप्तान के रूप में शतक लगाया। केएल राहुल ने अनुभव दिखाया। मानव सुथार ने डेब्यू पर मैच बदल दिया। वॉशिंगटन सुंदर ने दूसरे innings में responsibility ली और कुलदीप यादव ने साथ दिया। सबसे अहम बात, भारत ने यह जीत traditional senior stars पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना हासिल की। यही इस win को future-looking बनाता है।
Double-strike and victory sealed 🔒👌
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— BCCI (@BCCI) June 8, 2026
स्कोरकार्ड
भारत: 564/8 घोषित
मुख्य योगदान: शुभमन गिल 126, केएल राहुल 100
अफगानिस्तान गेंदबाजी: मोहम्मद सलीम 6/140
अफगानिस्तान पहली पारी: 152
मुख्य योगदान: रहमत शाह 60
भारत गेंदबाजी: मानव सुथार 6/33, प्रसिद्ध कृष्णा 3/37
अफगानिस्तान दूसरी पारी: 112 फॉलोऑन
मुख्य योगदान: सेदिकुल्लाह अटल 42
भारत गेंदबाजी: वॉशिंगटन सुंदर 4/36, कुलदीप यादव 3/30
नतीजा: भारत पारी और 300 रन से जीता
