IPL 2026 में पंजाब किंग्स लगातार कैच छोड़ने की वजह से दबाव में आ गई है। टीम इस सीजन अब तक 16 कैच टपका चुकी है, जिसके बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह ने खिलाड़ियों की फील्डिंग पर कड़ा बयान दिया है।
पंजाब की हार का बड़ा कारण बनी खराब फील्डिंग
IPL 2026 में पंजाब किंग्स की शुरुआत शानदार रही थी, लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में टीम की लय अचानक बिगड़ गई है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली PBKS ने शुरुआती सात मैचों में अजेय रहते हुए खुद को प्वाइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंचाया था, लेकिन लगातार तीन हार के बाद टीम से नंबर-1 की कुर्सी छिन गई। सबसे बड़ी चिंता टीम की बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं, बल्कि फील्डिंग बन गई है।
पंजाब किंग्स ने इस सीजन अब तक 16 कैच छोड़े हैं, जो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा में शामिल हैं। ESPNcricinfo के मुताबिक, PBKS ने 56 मौकों में से 16 कैच टपकाए हैं और उनकी catch efficiency सिर्फ 71.43% रही है, जो सभी टीमों में सबसे खराब है।
Yograj Singh ने लगाई PBKS खिलाड़ियों की क्लास
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पंजाब किंग्स की खराब फील्डिंग से बेहद नाराज नजर आए। Sports Tak पर विक्रांत गुप्ता से बातचीत के दौरान योगराज ने कहा कि अगर उन्हें पंजाब किंग्स के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी मिले, तो वह फील्डिंग और अनुशासन के मामले में कोई ढिलाई नहीं छोड़ेंगे।
योगराज सिंह ने पुराने दौर की कड़ी ट्रेनिंग का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे बिशन सिंह बेदी दिल्ली टीम के खिलाड़ियों को सख्त फील्डिंग ड्रिल कराते थे। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग का जिक्र करते हुए कहा कि बेदी सहवाग को रोज 10-15 तेज कैच पकड़वाते थे, जिससे हाथ लाल हो जाते थे, लेकिन इसी अनुशासन ने खिलाड़ियों को बेहतर फील्डर बनाया।
Yograj paaji talks about what he will do for Punjab Kings fielding woes & it’s not pretty! @vikrantgupta73 @sports_tak pic.twitter.com/51AlEwlXVE
— Kunal S (@folkindesi) May 9, 2026
Shreyas Iyer ने भी मानी गलती
पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि टीम को sloppy fielding की कीमत चुकानी पड़ी है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार के बाद अय्यर ने कहा कि शुरुआत में छोड़े गए कैच टीम पर भारी पड़े। उनका मानना था कि पंजाब ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार की थी, लेकिन अगर टीम को वही रफ्तार बनाए रखनी है, तो फील्डिंग स्तर और consistency बढ़ानी होगी।
SRH के खिलाफ मुकाबले में पंजाब ने कई मौके गंवाए। इशान किशन को दो जीवनदान मिले और हेनरिक क्लासेन का भी कैच छूटा। इसका फायदा उठाकर हैदराबाद ने 235/4 का बड़ा स्कोर खड़ा किया और पंजाब को 33 रन से हार झेलनी पड़ी। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रेयस अय्यर ने माना कि अगर कैच पकड़े जाते, तो 30-40 रन बचाए जा सकते थे।
Shashank Singh पर सबसे ज्यादा सवाल
पंजाब की खराब फील्डिंग में शशांक सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शशांक ने पिछले कुछ मैचों में कई आसान कैच छोड़े हैं। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने तीन मैचों में पांच कैच टपकाए, जिसके बाद उन पर फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स की आलोचना बढ़ गई है।
T20 क्रिकेट में एक कैच मैच का पूरा रुख बदल सकता है। जब कोई टीम लगातार कैच छोड़ती है, तो गेंदबाजों का भरोसा टूटता है और विपक्षी बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल जाता है। पंजाब के साथ पिछले मैचों में यही हुआ है।
लगातार तीन हार से बिगड़ा समीकरण
पंजाब किंग्स की लगातार तीन हार ने उनके प्लेऑफ अभियान को भी झटका दिया है। टीम ने शुरुआती मुकाबलों में जिस तरह का दबदबा बनाया था, उसे देखकर लग रहा था कि PBKS आसानी से टॉप-2 की रेस में रहेगी। लेकिन खराब फील्डिंग और missed chances ने टीम को पीछे धकेल दिया है।
सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब को हराकर टॉप पर कब्जा किया। SRH के खिलाफ मैच में पंजाब की गेंदबाजी भी दबाव में दिखी, लेकिन असली नुकसान उन मौकों से हुआ जो फील्डर्स ने गंवाए। खासकर युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी पर कई कैच छूटे, जिससे उनकी मेहनत बेकार गई।
फील्डिंग सुधरे बिना खिताब मुश्किल
IPL जैसे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी जितनी जरूरी है, फील्डिंग उतनी ही निर्णायक होती है। PBKS के पास श्रेयस अय्यर, शशांक सिंह, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह और कई मैच विनर खिलाड़ी हैं, लेकिन अगर टीम लगातार कैच छोड़ती रही, तो बड़े मैचों में यह कमजोरी भारी पड़ सकती है।
योगराज सिंह का बयान भले ही कड़ा लगे, लेकिन उनकी बात का मूल संदेश साफ है—फील्डिंग में अनुशासन और मेहनत के बिना चैंपियन टीम नहीं बनती। पंजाब किंग्स को अगर IPL 2026 में अपना अभियान वापस पटरी पर लाना है, तो सबसे पहले उन्हें कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग में सुधार करना होगा।
DC के खिलाफ अगला इम्तिहान
पंजाब किंग्स का अगला मुकाबला 11 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में होगा। लगातार तीन हार के बाद यह मैच टीम के लिए बेहद अहम होगा। पंजाब को न सिर्फ जीत की जरूरत है, बल्कि मैदान पर बेहतर energy, sharper catching और disciplined fielding भी दिखानी होगी।
अब सवाल यही है कि क्या PBKS अपनी फील्डिंग की बीमारी ठीक कर पाएगी, या dropped catches एक अच्छे सीजन को बिगाड़ देंगे?
