आईपीएल 2026 के 41वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने मुंबई इंडियंस (MI) को उनके ही घर वानखेड़े स्टेडियम में 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। 244 रनों के विशाल लक्ष्य को हैदराबाद ने महज 18.4 ओवरों में हासिल कर लिया। लेकिन इस मैच में हार-जीत से ज्यादा चर्चा मुंबई इंडियंस के उस फैसले की हो रही है, जिसने आईपीएल इतिहास का एक अनोखा और शर्मनाक रिकॉर्ड बना दिया।
ट्रैविस हेड और क्लासेन का तूफान
244 रनों का पीछा करने उतरी हैदराबाद को ट्रैविस हेड ने विस्फोटक शुरुआत दी। हेड ने मात्र 30 गेंदों में 8 छक्कों की मदद से 76 रन कूट डाले (स्ट्राइक रेट 253.33)। उनके आउट होने के बाद हेनरिक क्लासेन ने मोर्चा संभाला और 30 गेंदों में 65 रनों की तूफानी पारी खेली। अंत में सलिल अरोड़ा की 10 गेंदों में 30 रनों की ‘कैमियो’ पारी ने रही-सही कसर पूरी कर दी और SRH ने 8 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया।
रयान रिकलटन: मुंबई के नए ‘सुपरस्टार’ का रिकॉर्डतोड़ शतक
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस ने रयान रिकलटन की बदौलत 243/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। रिकलटन ने महज 44 गेंदों में शतक जड़कर सनथ जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह अब मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
MI के लिए सबसे तेज शतक:
44 गेंद: रयान रिकलटन (बनाम SRH, 2026)*
45 गेंद: सनथ जयसूर्या (बनाम CSK, 2008)
45 गेंद: तिलक वर्मा (बनाम GT, 2026)
शार्दुल ठाकुर: आईपीएल इतिहास के पहले ‘अनयूज्ड’ इम्पैक्ट प्लेयर
मैच का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब हार्दिक पांड्या ने 7वें ओवर में शार्दुल ठाकुर को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में मैदान पर उतारा। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि शार्दुल से न तो बल्लेबाजी कराई गई और न ही गेंदबाजी। आईपीएल इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब कोई खिलाड़ी इम्पैक्ट सब के तौर पर आया लेकिन मैच में उसका कोई योगदान (No bowling, No batting) नहीं रहा।
क्यों उठे कप्तान हार्दिक पांड्या पर सवाल?
जब हैदराबाद के बल्लेबाज जसप्रीत बुमराह (4 ओवर, 54 रन) और ट्रेंट बोल्ट जैसे दिग्गजों की धुनाई कर रहे थे, तब शार्दुल ठाकुर जैसे अनुभवी गेंदबाज को एक भी ओवर न देना विशेषज्ञों की समझ से परे था। पूर्व दिग्गज कीरोन पोलार्ड ने भी इस पर हैरानी जताते हुए कहा, “मैं जाकर पूछूंगा कि शार्दुल से गेंदबाजी क्यों नहीं कराई गई। प्रबंधन को इस फैसले की समीक्षा करनी होगी।”
मुंबई इंडियंस के लिए अब ‘करो या मरो’ की स्थिति
इस हार के साथ मुंबई इंडियंस अंक तालिका में 9वें स्थान पर खिसक गई है। 8 मैचों में मात्र 2 जीत के साथ उनका नेट रन रेट भी काफी खराब है।
प्लेऑफ का समीकरण: अब मुंबई को अपने बाकी बचे सभी 6 मैच जीतने होंगे ताकि वे 16 अंकों तक पहुँच सकें। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह राह बेहद कठिन नजर आ रही है।
