भारतीय कुश्ती एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। स्टार पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने रविवार को एक वीडियो जारी कर सनसनीखेज खुलासा किया है। विनेश ने पहली बार सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि वह पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकार हुई छह महिला पहलवानों में से एक हैं।
विनेश ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब उन्हें 10 से 12 मई के बीच गोंडा, उत्तर प्रदेश में होने वाले ‘नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट’ में हिस्सा लेना है।
“गोंडा जाना किसी मानसिक दबाव से कम नहीं”
विनेश फोगाट ने कहा कि उन्हें इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए ‘मजबूर’ किया जा रहा है, जो बृजभूषण शरण सिंह के अपने कॉलेज ‘नंदिनीनगर महाविद्यालय’ में आयोजित हो रहा है।
विनेश ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा: “यह असंभव है कि वहां किसी मेहनती खिलाड़ी को उसका हक मिले। मैच रेफरी कौन होगा, किसे अंक दिए जाएंगे, कौन जीतेगा और कौन हारेगा; यह सब बृजभूषण और उनके लोगों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। एक पीड़ित के लिए उसी व्यक्ति के गढ़ में जाकर खेलना, जिसने उसका उत्पीड़न किया हो, बेहद कष्टकारी और मानसिक दबाव वाला है।”
विनेश ने चेतावनी दी है कि यदि टूर्नामेंट के दौरान उन्हें या उनकी टीम के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार होगी।
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— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) May 3, 2026
WFI अध्यक्ष संजय सिंह का जवाब
विनेश के आरोपों पर कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विनेश को ‘सुरक्षा की निजी गारंटी’ देने का वादा किया है, लेकिन साथ ही उन पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया है।
संजय सिंह ने कहा, “मैं विनेश को उनकी सुरक्षा की व्यक्तिगत गारंटी देता हूं। एक WFI अध्यक्ष के रूप में, मैं उन्हें और उनकी टीम को आश्वासन देता हूं कि गोंडा में वे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। अगर वह राजनीति करना चाहती हैं, तो यह उनकी पसंद है। मामला कोर्ट में है, इसलिए मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। सच सामने आने दें।”
संजय सिंह ने यह भी साफ किया कि टूर्नामेंट में भाग लेने वाले 1200 पहलवानों में से किसी ने भी रेफरी को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई है और रेफरी का चयन WFI और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पैनल द्वारा निष्पक्ष रूप से किया गया है।
एशियन गेम्स का रास्ता और खिलाड़ियों का भविष्य
यह रैंकिंग टूर्नामेंट भारतीय पहलवानों के लिए एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में शामिल होने का आखिरी मौका है। जो खिलाड़ी नेशनल चैंपियनशिप या फेडरेशन कप में पदक नहीं जीत सके थे, उनके लिए यह टूर्नामेंट नेशनल कैंप में जगह बनाने का एकमात्र द्वार है। यही कारण है कि विनेश जैसे बड़े पहलवानों के लिए भी इस टूर्नामेंट में भाग लेना उनकी करियर की जरूरतों के लिहाज से अनिवार्य है।
गौरतलब है कि 2023 में विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक सहित देश के शीर्ष पहलवानों ने जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और पीछा करने के आरोपों को लेकर दो महीने तक लंबा विरोध प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है और बृजभूषण के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।
विनेश ने अंत में जोर देकर कहा कि उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं चाहिए, वे बस यह चाहती हैं कि मैट पर जो फैसला हो, वह केवल खिलाड़ी की मेहनत के आधार पर हो, किसी ‘बाहुबली’ या ‘गुंडों’ के इशारे पर नहीं।
